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Monday, December 31, 2018

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने की द योगा इंस्टीट्यूट, मुुंबई के शताब्दी समारोह की शुरुआत की


President Kovind pays glowing tribute to The Yoga Institute; Says Yoga can unite people, communities, nations.

कहा- योग में लोगों, समुदायों और राष्ट्रों को एकजुट करने की क्षमता

मुंबई। भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज भारत के सबसे विशाल वैलनेस फेस्टिवल में विश्व के सबसे पुराने योग केंद्र द योगा इंस्टीट्यूट, मुंबई के शताब्दी समारोह का शानदार उद्घाटन किया। बडी संख्या में मुंबई के गणमान्य लोगों ने इस समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर राष्ट्रपति  कोविंद ने कहा, ‘‘योग दुनिया की ऐसी सौम्य शक्ति है, जो लोगों, समुदायों और राष्ट्रों को एक साथ ला सकती है। योग सबसे मूल्यवान उपहार है जो भारत ने मानवता और दुनिया को दिया है। द योग इंस्टीट्यूट के 100 वें वर्ष के जश्न के अवसर पर, मैं इस ऐतिहासिक संस्थान और इससे जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देता हूं, जो लोगों के लाभ के लिए योग की अच्छाई को चारों तरफ फैलाने का बेहतरीन प्रयास कर रहे हैं।‘‘
शताब्दी समारोह के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में भारत के माननीय राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उनकी पत्नी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुईं। समारोह की शोभा बढ़ाने वाले अन्य प्रतिष्ठित अतिथियों में  सी. विद्यासागर राव - महाराष्ट्र के  राज्यपाल,  देवेंद्र फडणवीस - महाराष्ट्र के  मुख्यमंत्री और केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री श्रीपद वाई. नायक के नाम प्रमुख हैं। समारोह की अध्यक्षता द योगा इंस्टीट्यूट, मुंबई की निदेशक डॉ.  हंसाजी जयदेव योगेंद्र ने की। इस समारोह में शामिल अन्य हस्तियों में मुंबई के माननीय मेयर  विश्वनाथ महादेश्वर, मोक्षायतन इंटरनेशनल योगाश्रम के संस्थापक पद्मश्री स्वामी भारत भूषण, सीबीआई के पूर्व निदेशक पद्मश्री डॉ डी आर कार्तिकेयन, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती और इस्कॉन के गौर गोपाल दास के नाम प्रमुख हैं। समारोह का संचालन स्टार एक्टर और प्रजेंटर कबीर बेदी ने किया।  राज्यपाल  सी एच विद्यासागर राव ने इस अवसर पर  हंसाजी जयदेव योगेंद्र लिखित पुस्तक ‘योगा फॉर ऑल’ का विमोचन भी किया। तीन वर्षों के श्रम के बाद तैयार यह पुस्तक योगा इंस्टीट्यूट के सौ वर्षीय शोध पर आधारित है।
इस समारोह में महाराष्ट्र के  मुख्यमंत्री  देवेंद्र फड़नवीस ने कहा, ‘‘सद्भाव योग की एक बड़ी ताकत है, जो शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करता है और एक व्यक्ति को प्रकृति के करीब लाता है। मैं योग संस्थान को 100 साल पूरे करने और इसे सद्भाव उत्सव के साथ मनाने के लिए बधाई देता हूं।‘‘ उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हमेशा योग संस्थान की प्रशंसनीय पहल का समर्थन करेगी।
योगा इंस्टीट्यूट, मुंबई की निदेशक डॉ. हंसाजी जयदेव योगेंद्र ने कहा, ‘‘पिछले 100 वर्षों में योगा इंस्टीट्यूट ने जिन लाखों लोगों की जिंदगी को छुआ है, मैं उन सभी की तरफ से भारत के  राष्ट्रपति  रामनाथ कोविंद और उनकी धर्मपत्नी तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त करती हूं, जिन्होंने अपनी उपस्थिति से इस समारोह को गरिमा प्रदान की है।‘‘
उन्होंने आगे कहा, ‘‘लाखों लोगों की जिंदगी को बदलने का योगा इंस्टीट्यूट का सौ साल का यह सफर हमारे संस्थापक, महान योग गुरु योगेंद्र जी और योगियों की तीन पीढियों के कारण संभव हुआ है और साथ ही हम उन हजारों लोगों का भी शुक्रिया अदा करना चाहते हैं, जिन्होंने पिछली एक सदी के दौरान परिवार के सदस्यों की तरह योगा इंस्टीट्यूट का साथ निभाया। आज 101 वें साल में कदम रखते हुए हम योग संस्थान के माध्यम से गृहस्थ की सेवा जारी रखने के लिए कृतसंकल्प हैं। योग जैसा कि हम हमेशा से रहे हैं, उसी पर कायम रहते हुए हम योग गुरु योगेंद्र  के विजन को अगले सौ वर्षों और उससे आगे तक ले जाना चाहते हैं।”
हार्मनी फेस्टः द योगा इंस्टीट्यूट द हार्मोनी फेस्ट के साथ 100 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है, - यह भारत का सबसे विशाल वैलनैस फेस्टिवल है, जो आज दोपहर 12 बजे खुला और कल शनिवार, 29 दिसंबर को मुंबई के बांद्राकुर्ला कॉम्प्लेक्स में एमएमआरडीए ग्राउंड में जारी रहेगा। ।
हार्मनी फेस्ट - 28-29 दिसंबर 2018, एमएमआरडीए ग्राउंड्स, बीकेसी, मुंबई। 12 बजे से 9 बजे तक
निशुल्क और सभी के लिए खुला हार्मनी फेस्ट संगीत, मनोरंजन, अच्छा फूड फेस्टिवल साबित होगा, वहीं वहीं टिकाऊ सामान और कलात्मक वस्तुओं के एक बाजार का भी लाभ देगा, साथ ही यहां योग के लिए समर्पित 20 घंटों में पैनल चर्चा, कार्यशालाएं, परामर्श और मार्गदर्शन वार्ताएं, नौसिखियों से लेकर दक्ष लोगों के सीखने के लिए कार्यक्रम सहित बहुत कुछ रखा गया है; जो वास्तव में विचार, मस्तिष्क, शरीर और आत्मा के लिए स्वास्थ्य और कल्याण की भावना से ओतप्रोत है।
उत्सव के कुछ आकर्षण:
खानपान का उत्सवः शेफ रणवीर बरार, शेफ पंकज भदौरिया जैसी हस्तियों के साथ स्वस्थ व संतुलित भोजन के साथ एक बेहतरीन फूड फेस्टिवल। इसमें फूड ट्रक्स और स्टाल्स, एक मार्केटप्लेस, एक फार्मर मार्केट और बहुत कुछ शामिल होगा।  रूजुता दिवेकर से विशेषज्ञ मार्गदर्शनः भारत में खेल विज्ञान और पोषण में अग्रणी विशेषज्ञ होने के साथ-साथ रूजुता एक ऐसी न्यूट्रिशियन हैं, जिनके दुनिया भर के पोषण विशेषज्ञों में से सबसे अधिक फॉलोवर हैं।
टाक और पैनल डिस्कशनः गौर गोपाल दास, डॉ एच. आर. नागेंद्र, चिदानंद जी सरस्वती, डॉ. डी. आर. कार्तिकेयन, डॉ. लोकेश मुनि, डॉ. चिन्मय पंड्या, साध्वी भगवती सरस्वती और अन्य हस्तियों के साथ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी की योग-टॉक और अन्य चर्चाएं।
योगा वर्कशॉपः योग के घर-घर प्रसार में मदद के लिए कार्यशालाएं, भाव वर्कशॉप, आसन वर्कशॉप, वुमन हेल्थ वर्कशॉप और कपल वर्कशॉप।
 मेडिटेशन पॉड्सः रिलेक्स और ताजादम होने के लिए
हार्मनी स्टेज पर सिम्फनी स्टेज और म्यूजिकल बैंड के प्रदर्शन शामिल होंगे, जिसमें शंकर महादेवन, रेखा भारद्वाज सहित बैंड्स और म्यूजिकल एक्ट्स जैसे धारावी रीलोडेड, इंडियन ओशन, प्रेम जोशुआ, फ्लैमेन्को कथा और कबीर कैफे जैसे संगीत कार्यक्रम शामिल हैं।
योगा इंस्टीट्यूट, एक गैर-लाभकारी संगठन है जिसकी स्थापना 25 दिसंबर, 1918 को योग गुरु  योगेंद्र ने सांताक्रूज, मुंबई में की थी।  योगेंद्रजी के नेतृत्व में योगियों की तीन पीढ़ियों मां सीता देवी सहित, डॉ. जयदेव योगेंद्र, डॉ. हंसाजी योगेंद्र और ऋषि जयदेव योगेंद्र के प्रयासों ने योग संस्थान ने आम गृहस्थों के लिए योग के समग्र विकास में काफी योगदान दिया है।
2018 में योग के प्रचार और विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रधानमंत्री के हाथों आयुष मंत्रालय की ओर से प्रदत्त पुरस्कार प्राप्त हुआ। यह भारत की गुणवत्ता परिषद, आयुष मंत्रालय द्वारा प्रमाणित होने वाला भारत का पहला योग स्कूल भी है।
योगा इंस्टीट्यूट के खाते में 500 से अधिक प्रकाशन हैं और योग के बारे में  योगेंद्रजी की किताब सबसे पुराने और सबसे बड़े टाइम कैप्सूल क्रिप्ट ऑफ सिविलाइजेशन बाई ओलेथोरपे यूनिवर्सिटी, यूएसए में संरक्षित है, जिसे 8113 ईस्वी वर्ष में खोला जाएगा।
डॉ. हंसाजी जयदेव योगेंद्र एकमात्र महिला योग गुरु हैं जिन्हें भारत के  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग के पहले अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर मंच साझा करने के लिए आमंत्रित किया था।
हर दिन, लगभग 2000 लोग प्रशिक्षण और स्वास्थ्य परामर्श के लिए योगा इंस्टीट्यूट में आते हैं। पिछले कुछ वर्षों में योग संस्थान ने 55,000 से अधिक प्रशिक्षित योग शिक्षकों को भी प्रमाणित किया है, जिन्होंने 120 देशों में लाखों लोगों को घर पर किए जा सकने वाले योग की मदद से बेहतर और समग्र रूप से स्वस्थ जीवन जीने में मदद की है।



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