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Friday, February 22, 2019

आईआईजीपी 2.0 ने सामाजिक और औद्योगिक नवाचारों में 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की


India Innovation Growth Programme (IIGP 2.0) announced investment of USD 2 million in social and industrial innovations


जयपुर। इंडिया इनोवेशन ग्रोथ प्रोग्राम 2.0 के 2019 संस्‍करण का उद्घाटन गुवाहाटी में भारत सरकार ने किया। इस कार्यक्रम का लक्ष्य भारत में उद्यमशीलता का विकास करना है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार, लॉकहीड मार्टिन कॉर्पोरेशन और टाटा ट्रस्‍ट समूह द्वारा स्‍थापित इंडिया इनोवेशन ग्रोथ प्रोग्राम 2.0 को 2017 में लॉन्‍च किया गया था।

इस कार्यक्रम का लक्ष्य सस्ते, सुलभ और स्वीकार्य समाधानों के माध्यम से स्वदेशी नवाचारों (इनोवेशन) को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम पूरे देश भर के नवोन्‍मेषकों को नए-नए आइडियाज मार्केट में लाने का अवसर देता है। टेक्‍नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, हेल्थ केयर, पानी, ऊर्जा, नागरिक मामलों, बायोटेक्नोलॉजी या कम्युनिकेशन, जिसमें ऑटोमोटिव, एंटरप्राइज और स्पेस टेक्नोलॉजी शामिल हैं, के क्षेत्र में नए-नए आविष्कारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में ऊपर लिखे क्षेत्रों से भारत के सभी राज्यों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। ओपन इनोवेशन चैलेंज और यूनिवर्सिटी चैलेंज के लिए आवेदन जमा कराने की आखिरी तारीख 21 अप्रैल 2019 है। आवेदक इस संबंध में और जानकारी लेने के लिए www.indiainnovates.in पर लॉगइन कर सकते हैं।
आईआईजीपी 2.0 भारत में अपने तरह की इकलौती सार्वजनिक निजी साझेदारी का बेहतरीन उदाहरण है। प्रोग्राम के तहत विश्व स्तर की रणनीति के संबंध में नए नवोन्‍मेषकों को प्रशिक्षण दिया जाता है, इनक्‍यूबेशन को बढ़ावा दिया जाता है और सहयोग मुहैया कराया जाता है। साथ ही व्‍यावसायिक विकास में मदद की जाती है।

इस अवसर पर भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में इनोवेशन एंटरप्रेन्योरशिप की एसोसिएट प्रोग्राम हेड और सलाहकार डॉ. अनीता गुप्ता ने कहा, “सरकार ने भारत को युवाओं के स्टार्टअप का देश बनाने के प्रति प्रतिबद्धता जताई है। भारत नई उद्यमशीलता की लहर पर सवार होने के लिए बिल्कुल उचित स्थिति में हैं। स्टार्टअप की सफलता सुनिश्चित करने के लिए कारोबार के अनुकूल माहौल की जरूरत है, जो न सिर्फ रचनात्मकता, नए विचारों और नवाचारों का पोषण करे, बल्कि उद्यमियों की नई पीढ़ी को बाजार की सुविधाएं भी उपलब्ध कराए। भारत सरकार के विज्ञान और तकनीक विभाग, लॉकहीड मार्टिन और टाटा ट्रस्ट्स के समर्थन से चलाया जा रहा यह प्रोग्राम साझेदारी के रूप में अपनी तरह की अनोखी पहल है, जो उभरते हुए स्टार्टअप्स को हर तरह की मदद और मार्गदर्शन के साथ कारोबार के विकास के अवसर और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराता है।”

लॉकहीड मार्टिन इंडिया के चीफ एक्जिक्यूटिव फिल शॉ ने बताया, “लॉकहीड मार्टिन 12 वर्षों से भी ज्यादा समय से भारत में इनोवेशन के अभियान का समर्थन कर रहा है। हम उन कारोबारियों की सफलता का जश्न भी मनाया है, जो सोचा समझा जोखिम लेकर आगे बढ़े और अपने विचारों को हकीकत में तब्दील किया। हम यह देखकर काफी खुश हैं कि आईआईजीपी का लगातार विकास हो रहा है और यह देश भर में समुदायों को सशक्त बना रही है। हम स्‍थायी इनोवेशन इकोसिस्‍टम के विकास में योगदान के लिए आज भी उसी तरह प्रतिबद्ध हैं जैसे कि इस प्रोग्राम की शुरुआत के समय थे। यह इकोसिस्‍टम ‘मेक इन इंडिया’ के राष्‍ट्रीय विजन को मजबूत करता है।

टाटा ट्रस्ट्स में एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशंस के हेड मनोज कुमार ने कहा, “टाटा ट्रस्‍ट्स में हमारा मानना है कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचारों में कुछ बेहद जटिल सामाजिक,आर्थिक और पर्यावरणीय समस्‍याओं को हल करने तथा कम सुविधा वाले समुदायों को लाभ पहुंचाने की क्षमता है। आईआईजीपी जैसी पहलें  कारोबारियों के लिए कई अवसरों के दरवाजे खोलती हैं, जिससे वह अपने नवाचारों को उच्‍च प्रभाव वाले समाधानों में तब्दील कर सकें। हम सरकार, निजी क्षेत्र और परोपकारी समाजसेवकों की इस अनूठी तिकड़ी का हिस्सा बनकर काफी गर्व महसूस कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि यह प्लेटफॉर्म उद्यमिता की भावना को लगातार बढ़ावा देता रहेगा, जिससे लाखों लोगों के जीवन स्तर में उल्‍लेखनीय सुधार को बढ़ावा मिलेगा।”

आईआईजीपी के दो अलग-अलग ट्रैक हैं, जिसमें से एक ट्रैक पर स्टूडेंट्स पर फोकस करता यूनिवर्सिटी चैलेंज और दूसरे ट्रैक पर आविष्कारकों और स्टार्टअप शुरू करने वाले कारोबारियों के लिए ओपन इनोवेशन चैलेंज पेश किया गया  है। आईआईजीपी हर साल समानांतर चुनौतियां पेश करता है और नए विचारों और आविष्कारों के विभिन्न चरणों के माध्यम से इनोवेशन को अपना समर्थन मुहैया कराता है।
आईआईजीपी 2.0 को कई सहयोगी भागीदारों द्वारा क्रियान्वित किया गया है, जिसमें फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, इंडो-यूएस साइंस एंड टेक्नोलॉजी फोरम, आईआईएम अहमहाबाद में सेंटर फॉर इनोवेशन इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बॉम्बे शामिल है।

आईईजीपी 2.0 के 2018 एडिशन में कई सामाजिक और औद्योगिक कारोबारियों को अपने खोजपरक विचारों के लिए वित्‍त पोषण जीतते हुए देखा गया था। सामाजिक आविष्कारों की श्रेणी में किफायती मास्‍टेकटोमी किट, धान की फसल काटने के लिए अनोखा रेडिएशन ड्रायर, सीखने के नतीजों के बारे में जानने के लिए कम लागत का पोल एसेसमेंट समाधान, दृष्टिबाधितों के लिए हाथ से पकड़े जाने वाले उपकरण, सर्वाइकल कैंसर, माइक्रो सर्जरी की खुद से जांच करने के लिए उपकरण और सीवर और मेनहोल की सफाई के लिए रोबोटिक सिस्टम जैसी परियोजनाओं को वित्‍त पोषण मुहैया कराया गया। इंडस्ट्रियल इनोवेशन की श्रेणी में जिन समाधानों ने जीत हासिल की, उनमें  अंडरवाटर अकाउस्टिक मॉडेम, बेहतर पहुंच के लिए बिजली को विकेंद्रीकृत करने के लिए बैटरी, प्रशिक्षण के लिए एआइ पावर्ड विजुअल कम्‍यूनिकेशन टूल, पानी के अंदर आधारभूत ढांचे का आकलन, प्‍लग एंड प्‍ले एजूकेशन टूल, लो थ्रस्‍ट ऐप्‍लीकेशन के लिए ग्रीन प्रोपल्‍शन टेक्‍नोलॉजी और ह्यूमन मशीन इंटरफेस परीक्षण स्‍वचालितकरने के लिए रोबोट को फंड मुहैया कराया गया।

डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) के विषय में
विज्ञान और तकनीक विभाग देश भर में सभी क्षेत्रों में वैज्ञानिक, तकनीकी और इनोवेशन (एसटीआई) के विकास में पथप्रदर्शक की भूमिका निभा रहा है। डीएसटी का नजरिया बहुआयामी है और यह अपनी विविध पहलों और गतिविधियों से इस क्षेत्र के विकास में योगदान दे रहा है। डीएसटी मूल और नई परियोजनाओं के शोध और तकनीकी विकास के लिए फंड उपलब्ध कराता है। नए और वैज्ञानिक प्रॉडक्ट्स को इनक्यूबेटर्स और स्टार्टअप प्रमोशन के माध्यम से बाजार में लाता है। डीएसटी सामाजिक प्रासंगिकता की उचित तकनीक लागू कर समग्र विकास और समाज के सशक्तिकरण पर भी फोकस रऱखता है। डीएसटी ने सर्वश्रेष्ठ शिक्षा संस्थानों में करीब 135 टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर्स की स्थापना की है, जिनमें आईआईटी, आईआईएम और प्रमुख प्राइवेट यूनिवर्सिटी शामिल है। डीएसटी ने हाल ही में सभी को शामिल करते हुए एक नवीन पहल करते हुए निधि (नेशनल इनीशिएटव फॉर डेवलेपिंग एंड हारनेंसिंग इनोवेशंस) नामक परियोजना शुरू की है, जिसमें स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री की राष्ट्रीय पहल के तहत नए-नए बिजनेस आइडियाज को स्टार्टअप में बदला जाएगा। डीएसटी भारतीय इनोवेशन के परिदृश्य को बदलने के लिए काफी सक्रिय है और यह प्रमुख मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के नए मॉडल लागू कर रहा है, जिसमें इंटेल, बैनेट कोलमैन एंड कंपनी, बोइंग, लॉकहीड मार्टिन कॉर्प, टेक्सास इंडस्ट्रमेंट्स और टाटा समेत कई अन्य कंपनियां शामिल हैं।


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