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Tuesday, March 5, 2019

इंडिया ज्वैलरी पार्क के जरिए 1 लाख रोजगार सृजन का अनुमान


foundation stone laying ceremony of India Jewellery Park in Navi Mumbai on Tuesday


महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री  देवेन्द्र फड़नवीस,  सुरेश प्रभु (केंद्रीय वाणिज्य उद्योग और नागरिक उड्डयन मंत्री) और  सुभाष देसाई (उद्योग और खनन राज्य मंत्री) ने मुंबई में अपनी तरह के पहले ज्वैलरी पार्क का उद्घाटन किया

परियोजना में कुल निवेश 14,467 करोड़ रुपए, अनुमानित सालाना कारोबार 41,467 करोड़ रुपए

मुंबई। भारत में आभूषणों के निर्माण और व्यापार को एक नए स्तर पर ले जाने की दिशा में सरकार की एक बड़ी पहल के तहत मुंबई में इंडिया ज्वैलरी पार्क का शिलान्यास किया गया।  इस अवसर पर  प्रमोद कुमार अग्रवाल (अध्यक्ष, जीजेईपीसी),  कॉलिन शाह, जीजेईपीसी के उपाध्यक्ष और नवी मुंबई में जीजेईपीसी की प्रशासन समिति के सदस्य भी उपस्थित थे।

परियोजना के लिए चुनी गई 21 एकड़ जमीन, प्लॉट नंबर ओएस-12 ईएल, एमआईडीसी-टीटीसी, इलेक्ट्रॉनिक ज़ोन, नेल्को, महापे, इलेक्ट्रॉनिक ज़ोन, एमआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र, नवी मुंबई, महाराष्ट्र, 400710 पर है।

इंडिया ज्वैलरी पार्क, मुंबई, जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) का प्रोजेक्ट है। जीजेईपीसी को पार्क का निर्माण एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) के रूप में करने के लिए सौंपा जाएगा। परियोजना को भूमि, भवन और कच्चे माल के माध्यम से 14,467 करोड़ रुपए के कुल परियोजना निवेश के साथ नियोजित किया गया है। बाजार की मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार यहां के वार्षिक कारोबार का अनुमान 41,467.50 करोड़ रुपए आंका गया है, जिसका एक बड़ा हिस्सा निर्यात के लिए होगा। इंडिया ज्वैलरी पार्क अनुमानित रूप से 100,000 (1 लाख) श्रमिकों को रोजगार देते हुए विनिर्माण, निवेश, निर्यात वृद्धि के साथ महाराष्ट्र और समग्र भारत के आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।
महाराष्ट्र के  मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने इस अवसर पर कहा, ‘28,320.94 मिलियन यूएस डालर (रत्न और आभूषणों के कुल भारतीय निर्यात का 69 फीसदी) के साथ मुंबई रत्न और आभूषणों के निर्यात में सबसे आगे है। महाराष्ट्र में मुंबई में भारत डायमंड डायमंड बोर्स के रूप में सबसे बड़ा डायमंड सर्राफा है और अब मुझे खुशी है कि अब मुंबई में हमारे पास अपनी तरह का पहला इंडिया ज्वैलरी पार्क होगा। ज्वैलरी पार्क महाराष्ट्र और भारत में रत्न और आभूषण उद्योग में बड़ा परिवर्तन लाते हुए इस क्षेत्र में अतिरिक्त 1 लाख रोजगार पैदा करेगा। महाराष्ट्र सरकार ने शुरुआत से ही श्रम गहन रत्न और आभूषण क्षेत्र का समर्थन किया है और इंडियन ज्वैलरी पार्क, मुंबई की सफल स्थापना के लिए भी अपना समर्थन देना जारी रखेगा।’

भारत सरकार में  केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री व नागरिक उड्डयन मंत्री  सुरेश प्रभु का कहना था, ‘भारतीय आभूषण उद्योग 9 फीसदी जीडीपी के साथ व्यापारिक वस्तुओं के देश के बाहर निर्यात में 14 फीसदी का हिस्सा रखते हुए देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस क्षेत्र में 50 लाख अधिक कुशल लोग हैं। हमारे मजबूत घरेलू बाजार और अंतरराष्ट्रीय बाजार की लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम इस उद्योग को सुविधाएं प्रदान करें, जिसमें प्रमुख रूप से एमएसएमई इकाइयां शामिल हैं, उन्हें उचित वातावरण और बुनियादी ढांचा से लेकर प्रौद्योगिकी मिले ताकि वे दुनिया के विभिन्न बाजारों में आते परिवर्तन के अनुसार पूर्ति कर सकें। इंडिया ज्वैलरी पार्क, मुंबई एक एकीकृत औद्योगिक पार्क है जिसमें एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं हैं। पार्क में विनिर्माण इकाइयां, वाणिज्यिक क्षेत्र, औद्योगिक श्रमिकों के लिए निवास और वाणिज्यिक सहायता सेवाएं होंगी। हमारे कारीगरों और आभूषण व्यापारियों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करके, मुझे यकीन है कि हम मौजूदा 40 बिलियन यूएस डालर सालाना से 75 बिलियन यूएस डॉलर सालाना के रत्न और आभूषण निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।’

जीजेईपीसी के अध्यक्ष  प्रमोद कुमार अग्रवाल ने कहा, ‘महाराष्ट्र के  मुख्यमंत्री  देवेंद्र फड़नवीस और  केंद्रीय मंत्री वाणिज्य एवं उद्योग और नागरिक उड्डयन  सुरेश प्रभु के नेतृत्व में, भारत ज्वैलरी पार्क, मुंबई की स्थापना के लिए दिए गए सभी सहयोग के लिए रत्न एवं आभूषण उद्योग सरकार का आभारी है। इंडिया ज्वैलरी पार्क, मुंबई उन आभूषण निर्माताओं / व्यापारियों को प्रभावी सहायता प्रदान करेगा जो महाराष्ट्र राज्य में स्थापना, विस्तार या निवेश करने के लिए इच्छुक हैं और नए व्यवसाय की शुरुआत करने या अपने मौजूदा व्यवसाय को मजबूत करने में जुटे हैं। इसे चीन, तुर्की, इटली और थाईलैंड जैसे देशों में बनाए गए बेस्ट-इन-क्लास ज्वैलरी पार्कों के साथ बेंचमार्क किया गया है। मुंबई का इंडिया ज्वैलरी पार्क, भारत और विदेश से निवेश करवाते हुए महाराष्ट्र और भारत दोनों के आर्थिक विकास में योगदान देगा।’
भारत का रत्न और आभूषण निर्यात 40 मिलियन यूएस डालर का है और उद्योग भारत के कुल व्यापारिक निर्यात में 14 फीसदी का योगदान देता है। उद्योग वर्तमान में पूरे क्षेत्र में 5 मिलियन (50 लाख) कर्मचारियों को रोजगार देता है।


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