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Wednesday, March 6, 2019

सोशल अल्फ़ा और टाटा ट्रस्ट्स समूह की नई पहल 'क्वेस्ट फॉर अर्बन लिवेबिलिटी'


Social Alpha and Tata Trusts launch ‘Quest for Urban Livability’ for innovators and entrepreneurs to solve challenges for cities

शहरों की समस्याओं का निवारण करने में जुटे हुए इनोवेटर्स और उद्यमिओं की खोज  

  • सोशल अल्फ़ा द्वारा चुने जाएंगे 10 विजेता; 1 करोड़ रुपयों तक की फंडिंग की योजना
  • चुने हुए उम्मीदवारों को शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी), राज्य सरकार और कार्यान्वयन में जुटी अन्य संस्थाओं के साथ 6 से 18 महीनों तक अवधि के लिए पायलट प्रोजेक्ट्स में काम करने का अवसर मिलेगा।
  • कार्यक्षेत्र: कचरा, जल और स्वच्छता, पर्यावरण और प्रदूषण, स्थायी आवास, यातायात और गतिशीलता, और नगरपालिका प्रणाली   
मुंबई टाटा ट्रस्ट्स समूह के साथ साझेदारी में सोशल अल्फ़ा ने अपनी नई पहल 'क्वेस्ट फॉर अर्बन लिवेबिलिटी' की घोषणा की है।  विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार के माध्यम से शहरीकरण की जटिल समस्याओं के निवारण में जुटे हुए इनोवेटर्स और उद्यमिओं की खोज के लिए पुरे देशभर में इस पहल को चलाया जाएगा।  यह अपने आप में इस प्रकार की पहली पहल है। इस अवसर पर बृहन्मुम्बई महानगरपालिका के नगर आयुक्त श्री. अजॉय मेहता, महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री. प्रवीण परदेशी, कनाडा में भारत की कौंसल जनरल श्रीमती एनी दुबे और महाराष्ट्र के अन्य निगमों के नगर आयुक्त उपस्थित थे।  
कचरा, जल और स्वच्छता, पर्यावरण और प्रदूषण, स्थायी आवास, यातायात और गतिशीलता, और नगरपालिका प्रणाली इन छः सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समस्याओं के निवारण के लिए अपनी सेवा और सुविधाओं का उपयोग करने के लिए इच्छुक नवप्रवर्तक उद्यमों की खोज करना इस क्वेस्ट का उद्देश्य है।  
शहरीकरण के कारण निर्माण होनेवाली समस्याओं का निवारण चिरस्थायी और पर्यावरण-स्नेही रूप से करने के लिए प्रौद्योगिकी नवाचार का उपयोग करने के लिए इच्छुक उद्यमिओं को इस 'क्वेस्ट' के जरिए सहायता प्रदान की जाएगी।  इस क्वेस्ट के जरिए उन उद्यमिओं / स्टार्ट-अप्स की खोज की जा रही है जिनके पास निम्नलिखित बातें हैं:
  • ऐसे नवाचार जिनसे शहर स्तर के परिणामों में सुधार होंगे और भारत के शहरों में जीवनशैली की गुणवत्ता बढ़ेगी।  
  • ऐसे समाधान जिन्हें दूसरे शहर, समुदाय और भारत के दूसरे प्रदेशों में भी उपयोग में लाया जा सकता है।  
  • ऐसे नवाचार जो प्राथमिक अवस्था में या उससे ऊपर हो और जिन्हें शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है।
चुने गए उम्मीदवारों को सोशल अल्फ़ा से व्यापक सहायता प्रदान की जाएगी जिसमें 1 करोड़ रुपयों तक की पूंजी सहायता, शहरी स्थानीय निकाय, राज्य सरकार और कार्यान्वयन में जुडी अन्य एजेंसीज के साथ 6 से 18 महीनों तक पायलट प्रोजेक्ट करने के अवसर, व्यवसाय नियोजन का अनुभव और बाजार से अनुकूल नीति सहायता, जानकारी, मार्गदर्शन के अवसर और अधिक विविधतापूर्ण और बड़े निवेशक समुदायों तक पहुंच आदि शामिल होंगे।

इस अवसर पर टाटा ट्रस्ट्स समूह के इन्स्टिटूशन्स, एंट्रप्रिन्युअरशिप एंड इन्नोवेशन के प्रमुख और सोशल अल्फ़ा के सीईओ श्री. मनोज कुमार ने बताया कि, हम मानते हैं कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर आधारित नवाचारों में एक स्थायी और आगे बढ़ाये जाने योग्य तरीके से जटिल सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरण चुनौतियों को हल करने की क्षमता है। सोशल अल्फा क्वेस्ट फॉर अर्बन लिवेबिलिटी यह उद्यमशीलता और गहन विज्ञान और तकनीकी नवाचारों की शक्ति को उजागर करके उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में भारतीय शहरों की बढाती हुई समस्याओं से निपटने का एक प्रयास है। इस क्वेस्ट के जरिए शहरी नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बदलने और बढ़ाने की क्षमता वाले स्टार्ट-अप का समर्थन किया जाएगा और बेहतर नियोजन और वितरण में प्रभावी उपकरणों के साथ सरकार और स्थानीय प्रशासन की सहायता की जाएगी।”

आ मुंबई में टाटा ट्रस्ट्स समूह और यूनिवर्सिटी ऑफ़ टोरंटो द्वारा आयोजित "सीम्पोसियम ऑन ट्रांसफॉर्मिंग अर्बन लिवेबिलिटी" में इस क्वेस्ट का शुभारम्भ किया गया।  इस परिसंवाद में सरकार, शिक्षा, उद्यम और निवेश इन क्षेत्रों से कई हितधारकों ने मिलकर एक मंच पर शहरीकरण और शहरों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की।  

यूनिवर्सिटी ऑफ़ टोरंटो के प्रेजिडेंट और विख्यात अर्बन स्कॉलर मेरिक गैर्टलर इस परिसंवाद के मुख्य वक्ता थे।  उन्होंने नवाचारों और सफल शहरों के निर्माण में विश्वविद्यालयों की भूमिका के बारे में जानकारी दी।  "विश्वविद्यालय वैश्विक ज्ञान नेटवर्क से शहरों को जोड़ते हैं, यहाँ के शिक्षित स्नातक और उद्यमी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में योगदान करने के लिए तैयार होते हैं।"

यह क्वेस्ट भारत में शहरों की समस्याओं से संबंधित शहरी नियोजन और अनुसंधान में टोरंटो के स्कूल ऑफ सिटीज के ज्ञान और विशेषज्ञता का लाभ उठाने का अवसर भी प्रदान करेगा।

सोशल अल्फा क्वेस्ट फॉर अर्बन लिवेबिलिटी के लिए आवेदन स्वीकार करने की शुरुआत 06 मार्च, 2019 से हो रही है और 21 अप्रैल, 2019 तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।  अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ संपर्क करे: www.socialalphachallenge.org.


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