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Friday, March 15, 2019

टाटा ट्रस्ट्स समूह ने मेंस्ट्रुएशन हाइजीन मैनेजमेंट की पहल 7 राज्यों में की


 The Tata Trusts expand purview of their Water & Sanitation portfolio, venture into Menstruation Hygiene Management in 7 states


मुंबई। टाटा ट्रस्ट्स समूह के टाटा वॉटर मिशन के तहत कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और झारखंड के ग्रामीण इलाकों में मेन्स्ट्रूअल हाइजीन मैनेजमेंट (एमएचएम) की पहल शुरू की जा रही है।  आज टाटा ट्रस्ट्स समूह द्वारा इसकी घोषणा की है।  
2015 से टाटा ट्रस्ट्स समूह का टाटा वॉटर मिशन ग्रामीण इलाकों में पिने के लिए सुरक्षित, सुनिश्चित और पर्याप्त पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधा की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए कार्यरत है।
टाटा ट्रस्ट्स समूह के टाटा वॉटर मिशन के मुख्य  दिव्यांग वाघेला ने कहा, "मासिक धर्म के दौरान स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देना हमारा प्राथमिक उद्देश्य है।  इस विषय पर प्रशिक्षण देने के साथ-साथ पर्यावरणस्नेही उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए आपूर्ति श्रृंखला व्यवस्था के निर्माण के लिए हम महिला मंडल और स्थानीय सामाजिक उद्यमिओं को बढ़ावा देंगे।  मासिक धर्म पर खुल कर और व्यापक बातचीत को सामान्य बनाने से विस्तारपूर्ण जानकारी, सुरक्षित उत्पाद और बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक मंच बनाने में मदद मिलती है। मासिक धर्म एक प्राकृतिक, शारीरिक प्रक्रिया है इस सामान्य दृष्टिकोण को अपनाने के लिए प्रयास करना और यह सन्देश फैलाना आवश्यक है और मासिक धर्म पर होने वाली बातचीत में से  अशुद्धता और शर्म जैसे मुद्दों को हटाकर एक प्राकृतिक, शारीरिक, स्वस्थ क्रिया के रूप में इसे देखने का दृष्टिकोण अपनाये जाने के लिए  परिवारों से लेकर नीति निर्माताओं तक सभी स्तरों पर प्रभावित करने वालों तक पहुंचना आवश्यक है।"    
एमएचएम की घोषणा, टाटा ट्रस्ट्स समूह की परोपकारी प्रयास द फोर्स बियॉन्ड के उद्घाटन में हुई विचारों को प्रेरित करनेवाली पैनल चर्चाओं के दौरान की गई थी। महिलाओं को समान अवसर प्रदान करना इसका मुख्य उद्देश्य है।  इस बातचीत में महिलाओं के अटूट और अद्वितीय क्षमता के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करते हुए परिवर्तन लाने के लिए अधिकतम लोगों को प्रेरित करने के लिए आशा और प्रोत्साहन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
एमएचएम कार्यक्रम को दो भागों में विभाजित किया गया है - एक भाग स्कूल में और दूसरा समाज में चलाया जाएगा।  
• सामुदायिक कार्यक्रमों में 55 वर्ष की आयु तक की महिलाओं के लिए सेशन्स आयोजित किए जाएंगे।  
• स्कूलों में, छठी कक्षा से बारहवीं कक्षा तक की किशोर कालीन लड़कियों के 4 सत्रों में स्कूल मॉड्यूल होंगे, छात्राएं और शिक्षकों को इस तरह से सक्षम किया जाएगा कि वे आनेवाले समय में इन प्रयासों को स्कूल में जारी रखेंगे।  
• इसके अतिरिक्त, कक्षा आठवीं से ऊपर के लड़कों को प्रजनन चक्र (पुरुष और महिला) जैसे विषयों के बारे में जागरूक किया जाएगा ताकि उनकी माताओं और बहनों के लिए एक सहायक सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण प्रदान किया जाए।  
टाटा ट्रस्ट समूह द्वारा सामुदायिक और स्कूल कार्यक्रमों को लागू करने के लिए समुदाय के सदस्यों और युवा लड़कियों को प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन बने।   टाटा ट्रस्ट्स समूह ने इस पहल को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए सुखीभव, बैंगलोर एंड जाटान डिजाइन, राजस्थान जैसे संगठनों के साथ भागीदारी की है।
एमएचएम मूल्य श्रृंखला के सभी पहलुओं की दृष्टी से टाटा ट्रस्ट समूह सरकारी अधिकारियों, स्थानीय हितधारकों और समान विचारधारा वाली संस्थाओं के साथ भी भागीदारी करेगा, जिससे प्रत्यक्ष कार्यस्थान पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की क्षमताओं को बढाकर स्थिरता सुनिश्चित होगी।  


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