स्वराज ट्रैक्टर्स ने 15 लाख इकाइयों का उत्पादन कर उपलब्धि हासिल की - Karobar Today

Breaking News

Home Top Ad

Post Top Ad

Friday, April 5, 2019

स्वराज ट्रैक्टर्स ने 15 लाख इकाइयों का उत्पादन कर उपलब्धि हासिल की



Swaraj Tractors crosses 15 lakh units production milestone


   
मोहाली. स्वराज ट्रैक्टर्स जो 20.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर वाले महिंद्रा समूह का घटक है, ने  घोषणा की कि इसने 4 दशक पहले शुरूआत के बाद से 15 लाख ट्रैक्टरों के निर्माण की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
यह उपलब्धि ब्रांड स्वराज में ग्राहकों द्वारा जताये गये भरोसे का प्रमाण है। इस ब्रांड के प्रति ग्राहकों की मजबूत निष्ठा और विश्वास है, जो इस ब्रांड के प्रामाणिक एवं दमदार होने के चलते पैदा हुआ है और इसी के चलते ग्राहक शौक से इसे ‘‘मेरा स्वराज’’ कहते हैं। इस उपलब्धि ने पिछले कुछ वर्षों में घरेलू ट्रैक्टर बाजार में सबसे तेजी से बढ़ते हुए एक ब्रांड के रूप में स्वराज की प्रतिष्ठा को और अधिक मजबूत बनाया है। स्वराज ने वित्त वर्ष 2018-19 में ही 1,20,000 से अधिक टैªक्टर्स का उत्पादन किया। 
इस उपलब्धि पर, स्वराज डिविजन के सीईओ, हरीश चव्हाण ने कहा, ‘‘हम इस ब्रांड के विकास के प्रति हमारे सभी हितभागियों की बेशर्त सहायता के लिए उनके प्रति आभारी हैं। स्वराज ने लगातार उत्कृष्टतापूर्ण निर्माण किया है, जो कि किसी भी सीमा तक जाने के हमारे संकल्प व जज्बे को दर्शाता है। यह उपलब्धि आने वाले समय में अनेकानेक सम्मानों के लिए आधारशीला होगी।’’
स्वराज ने पहले 5 लाख ट्रैक्टर के उत्पादन की उपलब्धि 28 वर्षों में वर्ष 2002 में हासिल किया। अगले पांच लाख ट्रैक्टर्स के निर्माण की उपलब्धि बाद के 11 वर्षों में वर्ष 2013 में हासिल हुई। उसके बाद के 5 लाख के उत्पादन की उपलब्धि मात्र 5 वर्षों में हासिल हो गई, जब इस ट्रैक्टर निर्माता ने 15 लाख इकाइयों की उपलब्धि हासिल की।
स्वराज के पास तीन निर्माण इकाइयां (एक फाउंड्री सहित) और एक शोध एवं विकास केंद्र है, जिनमें से सभी पंजाब में स्थित हैं। प्रोडक्शन लाइन से तैयार किया गया 15 लाख वां ट्रैक्टर स्वराज 735थ्म् था, जो कि कंपनी के सर्वाधिक बिक्री वाले मॉडल्स में से एक है। वर्तमान में, स्वराज 15एचपी से लेकर 65एचपी तक के ट्रैक्टर्स का निर्माण करता है और भारतीय बाजार के लिए व्यापक कृषि समाधान उपलब्ध कराता है।




No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad