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Tuesday, April 9, 2019

यूटीआई इक्विटी फंड ने किया सतत विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण व्यवसायों में निवेश

       
Uti mutual fund review

यथार्थवादी वित्तीय लक्ष्यों को स्थापित करना सफल निवेश की दिशा में पहला कदम है वहीं निवेश लक्ष्यों को प्राप्त करने में आपको किससे अच्छी सहायता मिल सकती है, यह समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। म्यूचुअल फंड आपके दीर्घ या अल्पकालिक निवेश लक्ष्यों में अच्छी तरह से फिट हो सकते हैं, लेकिन किसी की योजना की सफलता फंड या फंडों के प्रकार पर निर्भर करती है। यूटीआई इक्विटी फंड एक ऐसी ओपन एंड इक्विटी स्कीम है जो बिग कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप स्टॉक में निवेश करती है, जिसके पास 9,369 करोड़ रुपयों का कॉपर्स है, जिस पर 12 लाख से अधिक निवेशकों ने भरोसा किया है (31 मार्च, 2019 तक)। यूटीआई म्यूचुअल फंड की ओर ये यह पेशकश एक ऐसा फंड है जिसकी किसी भी दीर्घकालिक निवेशक को अपने मूल इक्विटी आवंटन के लिए तलाश होती है। यूटीआई इक्विटी फंड ने अपने निवेशकांे को रिटर्न देने में असाधारण रूप से बेहतरीन प्रदर्शन किया है। फंड ने 31 मार्च, 2019 तक अपने 1 साल के प्रदर्शन में 5.50 फीसदी रिटर्न दिया है, जो इसी श्रेणी के फंड समूहों में औसत से अधिक रिटर्न है। इस तरह, यूटीआई इक्विटी फंड मल्टी कैप श्रेणी में टॉप परफॉर्मेन्स देने वाले फंड्स में से एक है।

यूटीआई इक्विटी फंड के पीछे फंड का मजबूत निवेश दर्शन है जो गुणवत्ता, विकास और मूल्यांकन के तीन स्तंभों पर खड़ा किया गया है। पोर्टफोलियो रणनीति उच्च गुणवत्ता वाले व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित करती है जिनके पास लंबे समय तक मजबूत विकास दिखाने की क्षमता है और जो अनुभवी प्रबंधन द्वारा संचालित होते हैं।
‘क्वालिटी’ का तात्पर्य लंबे समय तक रिटर्न ऑफ कैपिटल एम्प्लॉयड (आरओसीई) या रिटर्न ऑन इक्विटी (आरओई) को बनाए रखने के लिए एक व्यवसाय की क्षमता का प्रतीक है। वास्तव में उच्च गुणवत्ता वाले व्यवसाय वे हैं जो अपने उद्योग या क्षेत्र के लिए मुश्किल समय के दौरान भी उच्च आरओसीई और आरओई उत्पन्न करने में सक्षम हैं और इसलिए हर समय पूंजी की लागत से अधिक काम करते हैं। कभी ऐसा नहीं भी हो पाता तो भी अधिकतर उच्च आरओसीई/आरओई वाले व्यवसाय मजबूत नकद प्रवाह उत्पन्न करने में सक्षम होंगे और इसलिए आर्थिक मूल्य उत्पन्न करेंगे।
‘ग्रोथ’ व्यापार के लिए दीर्घकालिक विकास को दर्शाता है। फंड उन व्यवसायों पर जोर देता है जिनके पास चक्रीय और अप्रत्याशित विकास के बजाय स्थिर और अनुमानित विकास का रास्ता होता है। चक्रीय वृद्धि या गिरावट बहुत तेज और अप्रत्याशित हो सकती है और निवेशकों को किसी भी दिशा में ले जा सकती है जबकि तटस्थ विकास, दीर्घकालिक चालकों और भविष्य के परिणामों को समझने में अपेक्षाकृत अधिक निश्चितता प्रदर्शित करते हैं। जहां उच्च गुणवत्ता वाले व्यवसाय आर्थिक मूल्य तैयार करते हैं, वहीं उच्च विकास वाले व्यवसाय इस आर्थिक मूल्य के लिए जमीन तैयार करते हैं। यही कारण है कि स्टॉक चयन के लिए फंड की पसंद में गुणवत्ता और विकास का आधार सबसे पसंदीदा है।
फंड के निवेश दर्शन का अंतिम स्तंभ मूल्यांकन है। प्रवेश बिंदु के रूप में मूल्यांकन बहुत महत्वपूर्ण हैं और इसलिए किसी को स्टॉक में प्रवेश करने से पहले किसी को भी इसका ध्यानपूर्वक अध्ययन करना चाहिए। यद्यपि एक पीई मल्टीपल एक व्यापार के मूल्यांकन को समझने के लिए एक अच्छा प्रारंभिक बिंदु है, लेकिन यह व्यापक रूप से गलत समझा जाता है और मूल्यांकन तकनीक का दुरुपयोग करता है। अधिकतर आरओसीई और उच्च वृद्धि व्यवसाय की तुलना में अक्सर एक उच्च पीई के लायक नहीं होगा लेकिन यह अभी भी दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक आकर्षक निवेश हो सकते हैं जो अगले कुछ महीने या तिमाहियों में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर व्यापार के मौलिक सिद्धांतों के आधार पर निवेश करेंगे इसलिए पीई को देखकर एक निर्णय तक पहुंचने से पहले ऑप्टिकल रूप से प्रत्येक व्यवसाय का सावधानीपूर्वक अध्ययन करना होगा और फिर उनमें से प्रत्येक के लिए उचित मूल्यांकन बैंड स्थापित करना होगा।
फंड, निवेश की ‘ग्रोथ’ शैली के बाद बाजार पूंजीकरण स्पेक्ट्रम में निवेश करने का प्रयास करता है। इस स्कीम के टॉप होल्डिंग्स में बजाज फाइनेंस लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, इंडसइंड बैंक लिमिटेड, कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड, एचडीएफसी लिमिटेड, येस बैंक लिमिटेड, इंफोसिस लिमिटेड, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड, इन्फो-एज (इंडिया) लिमिटेड और माइंडट्री लिमिटेड शामिल हैं और इन्हें मिलाकर 31 मार्च, 2019 तक पोर्टफोलियो के कॉर्पस का लगभग 41 प्रतिशत हिस्सा बनता है।
यूटीआई इक्विटी फंड उन इक्विटी निवेशकों के लिए उपयुक्त होगा जो अपने ‘कोर’ इक्विटी पोर्टफोलियो को बनाने और आर्थिक मूल्य उत्पन्न करने वाले गुणवत्तापूर्ण व्यवसायों में निवेश के जरिए दीर्घकालिक पूंजीगत विकास की तलाश में हैं।

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