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Friday, May 10, 2019

ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग में नए पैमाने कायम कर रही गोदरेज एप्लायंसेज



Godrej Appliances sets new benchmarks in Green Manufacturing


गोदरेज एप्लायंसेज की मोहाली निर्माण इकाई को आईजीबीसी से मिला ’ग्रीन फैक्ट्री प्लेटिनम’ सर्टिफिकेशन
ऊर्जा कुशलता और पर्यावरण अनुकूल सुविधा की दिशा में प्रयास करने के लिए संयंत्र को यह सर्वोच्च मान्यता दी गई
मुंबई। घरेलू उपकरणों के क्षेत्र में भारत की अग्रणी कंपनी गोदरेज एप्लायंसेज को इंडियन ग्रीन बिलिं्डग काउंसिल (आईजीबीसी) की ओर से प्रतिष्ठित ’ग्रीन फैक्टरी प्लेटिनम’ प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह प्रमाणन पंजाब के मोहाली में स्थित गोदरेज एप्लायंसेज की विनिर्माण इकाई को प्रदान किया गया। आईजीबीसी ग्रीन फैक्ट्री प्लेटिनम, किसी भी निर्माण कंपनी को ऊर्जा कुशल, जल कुशल, अधिक उत्पादक और पर्यावरण के अनुकूल सुविधाओं के विकास के प्रयासों के लिए दी जाने वाली सर्वोच्च मान्यता है।
गोदरेज एप्लायंसेज के बिजनेस हेड और ईवीपी कमल नंदी ने इस अवसर पर अपनी टिप्पणी देते हुए कहा, ’हम आईजीबीसी जैसी प्रतिष्ठित संस्था से यह प्रमाण पत्र पाकर बेहद खुश और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह प्रमाणीकरण गोदरेज की ओर से किए जाने वाले सभी प्रयासों में पर्यावरण के अनुकूल होने के लिए किए गए प्रयासों का प्रमाण है। गोदरेज को सीएफसी-फ्री रेफ्रिजरेटर, ग्रीनेस्ट एयर कंडीशनर, ऊर्जा कुशल उपकरणों और कई अन्य अच्छे और हरित उत्पादों के उपकरणों के क्षेत्र में एक अगुवा के रूप में जाना जाता है। जहां तक बात पर्यावरण की बेहतरी की है, हमें इस मामले में लीडर समझा जाता है क्योंकि हमारे लिए पर्यावरण एक ऐसा मूल्य है जो हमारे कॉर्पोरेट डीएनए में शुरुआत से ही रहा है। हम मानते हैं कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम जिम्मेदार निर्माता बनें, जो उद्योग में स्थायी विनिर्माण का मार्ग प्रशस्त करे। गोदरेज एप्लायंसेज का मोहाली प्लांट इस विश्वास का जीता जागता उदाहरण है।’
मैन्युफैक्चरिंग हेड और सीनियर वीपी  हुसैन शरियार ने बताया, ’मोहाली में स्थित हमारी विनिर्माण इकाई ने ब्रांड के सस्टेनेबिलिटी के लिए किए गए प्रयासों को नए मुकाम तक ले गई है जो उत्कृष्टता के लिए एक आदर्श रूप में काम कर रही है। हमारी प्रक्रियाओं के लिए प्लैटिनम रेटिंग प्राप्त करने के बाद पहली बार ग्रीन बिलिं्डग रेटिंग प्राप्त करने सहज विस्तार के साथ हमारी मोहाली स्थित फैसिलिटी सही मायने में बड़े पैमाने पर ’ग्रीन’ में बदल चुकी है, जिसमें संयंत्र की पर्यावरण हितैषी इमारत और प्रक्रियाएं शामिल हैं। प्रमाणीकरण के लिए यह सही समय था क्योंकि इस जगह पर एक नया फैक्ट्री शेड जोड़ा गया है और इसकी उत्पादन क्षमताओं का विस्तार हो रहा है। हमें वास्तव में स्थिरता के इस नए फलक पर गर्व है।’
अनिवार्य पूर्व-आवश्यकताओं के अलावा, आईजीबीसी की ओर से परिभाषित पांच पर्यावरण श्रेणियों पर मूल्यांकन किया गया था, जिसमें शामिल हैं - साइट चयन और योजना, जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, सामग्री संरक्षण और आंतरिक पर्यावरण गुणवत्ता व व्यावसायिक स्वास्थ्य सहित डिजाइन में नवाचार की एक श्रेणी।
मोहाली संयंत्र को अलग पहचान दिलाने वाली मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैंः-
हरित क्षेत्र के सभी 48 फीसदी को कवर करने के लिए नियोजित लैंडस्केप और तूफानी जल प्रवाह प्रणाली के साथ मिट्टी के कटाव की रोकथाम और नियंत्रण पर किए गए व्यापक उपाय।
सभी कर्मचारियों के लिए कैंटीन, वॉशरूम, शॉवर-रूम और प्राथमिक चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं तक आसानी से पहुंच। निशक्तजनों के लिए उपयोगकर्ता की आसान पहुंच को ध्यान में रखते हुए फैसिलिटी को फिर से डिजाइन किया गया। कैंपस में प्रकाश व्यवस्था के पुनर्गठन से नाइट स्काई पॉल्यूशन और कम हो जाता है।
रेन वाटर हार्वेसिं्टग (आरडब्ल्यूएच) प्रणाली को 11 वर्षा जल संचयन गड्ढों और 3606.75 घन मीटर के तालाब के जरिए छत और अन्य सतहों से आने वाले पानी को सौ फीसदी सहेजने के लिए डिजाइन किया गया है।
नॉन-प्रोसेस एरिया के लिए, वाटर एफिशिएंस फिक्सर के कार्यान्वयन के साथ पानी का उपयोग 38 फीसदी तक कम हो जाता है। पुनः उपयोग के लिए विश्वस्तरीय एसटीपी और आरओ प्लांट में 100 फीसदी जल पुनर्नवीनीकरण किया जाता है। टर्फ कुल क्षेत्र के 3.6 फीसदी तक सीमित है। सूखा प्रतिरोधी वनस्पति, कुशल सिंचाई के उपाय जैसे फूलों की क्यारियों में ड्रिप सिंचाई का उपयोग और लॉन में सिं्प्रकलर के इस्तेमाल से पानी के उपयोग में कमी आई।
ऊर्जा-कुशल और नॉन-सीएफसी एयर-कंडीशनिंग का उपयोग, कई स्थानों पर ऊर्जा की मीटरिंग और मॉनिटरिंग, ऊर्जा कुशल उपकरणों जैसे एलईडी लाइट्स, ईई पंप्स, सोलर पीवी, डेलाइट पैनल आदि के उपयोग, नॉन-प्रोसेस वाले क्षेत्रों में फैक्ट्री को ऊर्जा-दक्ष बनाया। एक सिमुलेशन ने पुष्टि की है कि एएसएचआरएई के अनुसार, बेस केस की तुलना में, हम वर्तमान में 20.54 फीसदी ऊर्जा बचा रहे हैं।
एक अच्छी तरह से विकसित गैर-प्रक्रियागत अपशिष्ट संग्रह, निपटान तंत्र और वेस्ट हैंडलिंग सिस्टम हैं। निर्माण गतिविधियों से उत्पन्न कचरे को विभिन्न सहायक संरचनाओं के लिए प्रभावी रूप से पुनः उपयोग किया जाता है। यहां तक कि सामग्री के कार्बन फुटपिं्रट में कमी लाने के लिए इसे 300 किलोमीटर के दायरे में पास के आपूर्तिकर्ताओं से खरीदा जाता है।
सामग्री के संरक्षण को सर्टिफाइड वुड और रैपिडली रिन्यूएबल बिलिं्डग सामग्री के उपयोग के साथ एक उच्च प्रमुखता दी गई है।
कार्यालय क्षेत्रों और कारखाने के निर्माण में वेंटिलेशन विशेष रूप से डिजाइन किए गए लॉवर, टर्बो वेंटिलेटर और फोर्स्ड डक्ट के साथ काफी सुधार हुआ है। कम वीओसी पेंट, ग्रीन हाउसकीपिंग कैमिकल, हाई एसआरआई मैटेरियल से छत और हाई एसआरआई एक्सीटियर पेंट आदि हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए किए गए कुछ उपाय हैं।
कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एरोबिक और कार्डियोवस्कुलर एक्सरसाइज के लिए योग कक्ष, ब्रेकआउट स्पेस, ओपन एयर जिम के साथ-साथ मनोरंजन कक्ष, फुटबॉल, वॉलीबॉल और बैडमिंटन कोर्ट हैं।
बिजली की इनहाउस जरूरत को 24.32 फीसदी स्वच्छ से पूरा करने, सार्वजनिक और स्वयं के कार्यक्रमों में ग्रीन ऊर्जा, लोगों को पर्यावरण के लिए शिक्षित करने के लिए अलग हट कर प्रयास करने जैसे प्रयासों को आकलनकर्ताओं की ओर से खासी सराहना मिली।
गोदरेज एप्लायंसेज मोहाली प्लांट, जिसे एक मॉडल निर्माण इकाई के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया गया है, ने ’ग्रीन फैक्ट्री बिलिं्डग’ आकलनकर्ता डॉ. शिवराज ढाका को बहुत प्रभावित किया, जिनका कहना था, ’यह  एक फैक्ट्री से कहीं अधिक है, पूरा परिसर जैव-विविधता से समृद्ध है, यहां आकर किसी औद्योगिक इकाई का दौरा करने का मेरा अनुभव ही बदल गया!’

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