आईआईएफएल ने घोषित किए वित्तीय परिणाम - Karobar Today

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Thursday, May 16, 2019

आईआईएफएल ने घोषित किए वित्तीय परिणाम




IIFL announce financial result


   - कर बाद लाभ’ , वित्तीय वर्ष 2019 की चौथी तिमाही के लिए 373 करोड़ रुपए (30 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष की वृद्धि) और वित्तीय वर्ष 2019 के लिए 1,253 करोड़ रुपए (23 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष की वृद्धि)

- आयरु, वित्तीय वर्ष 2019 की चौथी तिमाही के लिए 1,276 करोड़ रुपए (32 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष की वृद्धि) और वित्तीय वर्ष 2019 के लिए 4,305 करोड़ रुपए (16 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष की वृद्धि)

 मुंबई। 31 मार्च, 2019 को समाप्त तिमाही और वर्ष (वित्तीय वर्ष 2019 की चौथी तिमाही, वित्तीय वर्ष 2019) के लिए इंडियन एकाउंटिंग स्टैंडर्ड के अनुसार समेकित परिणामः
कर के बाद लाभ, तिमाही के लिए 373 करोड़ रुपए, 30 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि और वर्ष के लिए 1,253 करोड़ रुपए, 23 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष की वृद्धि पर
समेकित आय, तिमाही के लिए 1,276 करोड़ रुपए, 32 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि और वर्ष के लिए 4,305 करोड़ रुपए, 16 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि
एनबीएफसी बिजनेस में लोन एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 34,904 करोड़ रुपए पर, 29 फीसदी’’ वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि
वैल्थ एसेट़्स 28 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि के साथ 1,69,312 करोड़ रुपए पर





आईआईएफएल होलिं्डग्स लिमिटेड के चेयरमैन  निर्मल जैन ने वित्तीय परिणामों पर अपनी टिप्पणी देते हुए कहा, ’वित्त वर्ष 2019 में, हमने अपने सभी मुख्य व्यवसायों में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इस वर्ष, समूह के पुनर्गठन के साथ, तीन व्यवसायों जैसे वित्त, धन और प्रतिभूति को स्वतंत्र रूप से सूचीबद्ध किया जा रहा है। हमारे मजबूत रिटेल फ्रेंचाइजी और टेक्नोलॉजी के चलते हमने फाइनेंस के क्षेत्र में विपरीत रुझानों के बावजूद मजबूत बढ़त हासिल की। एडवाइजरी मॉडल की दिशा में अपने निर्णायक कदम के साथ वैल्थ बिजनेस, उद्योग का नेतृत्व कर रहा है। प्रतिभूति व्यवसाय की संभावनाएं पूंजी बाजार की गतिविधियों से जुड़ी हुई है और इसके अपने बुनियादी सिद्धांत है।’
लोन और मॉर्गिज
ऋण और बंधक व्यवसाय एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी और उसकी दो सहायक कंपनियों, हाउसिंग फाइनेंस कंपनी और माइक्रोफाइनेंस कंपनी की समूचे देश में फैली 1,947 शाखाओं के माध्यम से किया गया।
वित्तीय वर्ष 2019 की चौथी तिमाही के लिए कर के बाद लाभ 252 करोड़ रुपए था, जो कि 68 फीसदी की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि है, जबकि कुल आय 871 करोड़ रुपए रही जो कि 77 फीसदी की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि है। वित्त वर्ष 2019 के लिए एनबीएफसी आरओई 18.3 फीसदी पर जबकि आरओई 2.2 फीसदी पर था। वर्ष के लिए औसत ऋण लागत 47 बीपीएस वर्ष-दर-वर्ष से 8.9 फीसदी पर बढ़ी और नेट इंटरेस्ट मार्जिन 7.2 फीसदी रहा।
लोन एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम), मुख्य रूप से रिटेल, 29 फीसदी’’ की वृद्धि के साथ 34,904 करोड़ रुपए की मजबूत वृद्धि पर आ गया जो मुख्य रूप से छोटे-आकार के होम लोन, गोल्ड लोन, एसएमई लोन और माइक्रोफाइनेंस ऋण से संचालित है।
तिमाही के अंत में, रिटेल होम लोन एसेट्स बढ़कर 2,197 करोड़ रुपए हो गया, 42 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष की वृद्धि।
माइक्रोफाइनेंस व्यवसाय ने अपनी स्थिर वृद्धि जारी रखी, 31 मार्च, 2019 तक लोन एयूएम 172 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष की वृद्धि के साथ 2,285 करोड़ रुपए तक बढ़ गया। एमएफआई ग्राहक आधार 10 लाख से अधिक ग्राहकों तक बढ़ गया।
हमारे 85 फीसदी ऋणों की प्रकृति रिटेल हैं और 41 फीसदी पीएसएल के अनुरूप हैं। वर्तमान में निर्दिष्ट लोन बुक 7,379 करोड़ रुपए पर है, एयूएम का 21 फीसदी। हमारे ग्रैन्युलर और रिटेल बुक को देखते हुए असाइनमेंट के महत्वपूर्ण अवसर मौजूद है।
31 मार्च, 2019 तक जीएनपीए 1.9 फीसदी और एनएनपीए 0.6 फीसदी पर रहा, इंडियन एकाउंटिंग स्टैंडर्ड के तहत अपेक्षित क्रेडिट हानि के कार्यान्वयन के साथ, एनपीए पर प्रावधान कवरेज, मानक संपत्ति कवरेज सहित 139 फीसदी पर है।
आईआईएफएल फाइनेंस की लॉन्गटर्म क्रेडिट रेटिंग सीआरआईएसआईएल की ओर से एए/स्टेबल, आईसीआरए की ओर से एए(स्टेबल),सीएआरई की ओर से एए(स्टेबल) है।
पूंजी पर्याप्तताः 31 मार्च, 2019 तक 16.0 फीसदी टियर १ कैपिटल सहित कुल सीएआर 19.2 फीसदी थी, जबकि वैधानिक आवश्यकता क्रमशः 10 फीसदी और 15 फीसदी थी।
कमर्शियल व्हीकल बिजनेस का डिवेस्टमेंट
31 मार्च, 2019 तक, वाणिज्यिक वाहन व्यवसाय को एक मौजूदा चिंता के रूप में डिवेस्टमेंट किया गया था, अन्य मौजूदा व्यवसाय खंडों जैसे किफायती आवास, गोल्ड लोन, लघु व्यवसाय ऋण और माइक्रोफाइनेंस के स्केलिंग से के आधार पर इसमें मंदी पाई गई।
धन और संपत्ति प्रबंधन
आईआईएफएल वेल्थ मैनेजमेंट भारत में अग्रणी धन प्रबंधन कंपनी है। कंपनी ने अपनी स्थापना के बाद से एक दशक से भी कम समय में भारत में सबसे बड़ी निजी धन प्रबंधन फर्म बनने के लिए खुद को स्थापित कर लिया है। मुंबई में मुख्यालय वाली आईआईएफएल वेल्थ में 900 से अधिक कर्मचारी हैं और 7 प्रमुख वैश्विक कमर्शियल हब में इसकी मौजूदगी हैं जो भारत और दुनिया भर में 33 स्थानों पर फैले हुए हैं।
प्रबंधन, वितरण और सलाह के तहत कंपनी की कुल परिसंपत्ति वित्तीय वर्ष 2019 की चौथी तिमाही में 1,69,312 करोड़ रुपए तक पहुंच गई, इसमें 28 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि देखी गई। एसेट मैनेजमेंट व्यवसाय का एसेट्स 31 मार्च, 2019 तक 26,529 करोड़ रुपए था। तिमाही के लिए कर के बाद लाभ 84 करोड़ रुपए रहा, 10 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष की वृद्धि।
कैपिटल मार्केट और अन्य
आईआईएफएल कैपिटल मार्केट और कैटेगरी 1 मर्चेंट बैंकर के लिहाज से खुदरा और संस्थागत, दोनों क्षेत्रों में एक प्रमुख खिलाड़ी है। हमारे पास 1,400 से अधिक सर्विस लोकेशन हैं जिनमें एक विस्तृत शाखा और उप-ब्रोकर नेटवर्क शामिल है और हम 500 से अधिक कंपनियों को अद्वितीय शोध कवरेज प्रदान करते हैं।
तिमाही के लिए कैपिटल मार्केट्स का शुद्ध लाभ 36 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष घटकर 38.0 करोड़ रुपए रहा जबकि 8 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष गिरावट के साथ 31 मार्च 2019 को समाप्त वर्ष के लिए 171.1 करोड़ रुपए रह गया, मुख्य रूप से बाजार की अस्थिरता के कारण यह गिरावट दर्ज हुई। इस तिमाही के दौरान, ब्रोकिंग व्यवसाय के लिए औसत डेली मार्केट टर्नओवर (एफ एंड ओ सहित) 17,134 करोड़ रुपए रहा, 5 फीसदी तिमाही-दर-तिमाही वृद्धि के साथ डेली कैश टर्नओवर का 3.5 फीसदी हिस्सा बना रहा।
हमारा मोबाइल ट्रेडिंग ऐप,’आईआईएफएल मार्केट्स’, 26 लाख से अधिक डाउनलोड के साथ समकक्षों (4.3) के बीच सबसे अधिक रेटेड है। मोबाइल ब्रोकरेज कुल का लगभग 39 फीसदी है। आईआईएफएल म्यूचुअल फंड ऐप 4.3 स्टार रेटिंग के साथ 4.3 लाख डाउनलोड को पार कर गया है, और अपने कस्टमर बेस को लगातार बढ़ा रहा है।
आईआईएफएल इन्वेस्टमेंट बैंकिंग ने 3 आईपीओ, 4 क्यूआईपी और 1 आरईआईटी सहित वर्ष के दौरान विभिन्न प्रोडक्ट्स में 15 से अधिक ट्रांजेक्शन पूरे किए हैं।
’एएए’ का शुभारंभ
आईआईएफएल ने अपनी तरह का पहला टैब-आधारित प्लेटफॉर्म ’एएए’ (एडवाइजर, एनीटाइम, एनीव्हेयर) लॉन्च किया, जो शेयर बाजारों तक वास्तविक समय में पहुंच, म्यूचुअल फंड, समाचार, विचार, विशेषज्ञ सिफारिशों और शोध के साथ-साथ उभरते परामर्शदाताओं के लिए नई अवधारणाओं को सीखने के लिए लर्निंग मॉड्यूल देता है।
समूह का पुनर्गठन
31 जनवरी, 2018 को आयोजित बैठक में कंपनी के निदेशक मंडल ने आईआईएफएल समूह के पुनर्गठन को मंजूरी दी थी, जिसके परिणामस्वरूप तीन सूचीबद्ध कंपनियां- आईआईएफएल फाइनेंस,आईआईएफएल वैल्थ और आईआईएफएल सिक्यूरिटी 13 मई, 2019 से प्रभावी हो गई हैं।
आईआईएफएल वेल्थ और आईआईएफएल सिक्योरिटीज को डिमर्ज कर दिया गया है और रिकॉर्ड की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। आईआईएफएल होलिं्डग्स का नाम बदलकर आईआईएफएल फाइनेंस कर दिया जाएगा।





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