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Tuesday, July 30, 2019

वेदांता ने 3000 लड़कियों को प्रदान किए लैपटॉप


Vedanta_Riding the digitisation wave, Vedanta provides laptops to 3000 girls


डिजिटलीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम

नई दिल्ली, 30 जुलाई, 2019ः शिक्षा के प्रचार-प्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए वेदांता फाउंडेशन ने राजस्थान के रींगस में वेदांता पीजी गर्ल्स कॉलेज की 3000 छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए। आज आयोजित किए गए लैपटॉप वितरण कार्यक्रम में कॉलेज की मौजूदा और नए प्रवेश लेने वाली 3000 लड़कियों को निशुल्क लैपटॉप वितरित किए गए। इनमें से अधिकांश पास के गांवों में रहने वाली छात्राएं हैं। समारोह की अध्यक्षता पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो बी.एल. शर्मा ने की। इस अवसर पर हिंदुस्तान जिंक की चेयरमैन श्रीमती किरण अग्रवाल और ट्रस्टी वेदांता फाउंडेशन श्रीमती सुमन डीडवानिया भी मौजूद थीं।
यह पहल सुविधाओं से वंचित विद्यार्थियों की सहायता करने के लिए की गई है, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें। इस कॉलेज की 3000 लड़कियों में से 97 लड़कियां 5 ऐसे जिलों से हैं, जहां हिंदुस्तान जिंक उनकी शिक्षा को प्रायोजित कर रहा है।
हिंदुस्तान जिंक की चेयरमैन श्रीमती किरण अग्रवाल ने इस समारोह मे विचार व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘कॉलेज की ये छात्राएं अपने शिक्षा अभियान को आगे बढाने के लिए जो परिश्रम कर रही हैं, मुझे उस पर गर्व है। इन छात्राओं को लैपटॉप प्रदान करने से वे न सिर्फ ज्ञान का अपना दायरा और विस्तृत कर पाएंगी, बल्कि उन्हें सीखने के लिए अनेक नए रास्ते भी मिलेंगे। इससे उन्हें अपनी आगे की शिक्षा को और प्रभावी तरीके से हासिल करने में भी सहायता मिलेगी।‘‘
वेदांता फाउंडेशन की ट्रस्टी श्रीमती सुमन डीडवानिया ने कहा, ‘‘शिक्षा को उन स्वरूपों में विविधता लाने की आवश्यकता है, जो सीखने को अधिक समावेशी बनाते हैं। इन छात्राओं को लैपटॉप प्रदान करने से उन्हें सीखने के प्रति अधिक प्रतिस्पर्धी दृष्टिकोण हासिल करने में मदद मिलेगी। आज की दुनिया में जहां लैपटॉप एक लक्जरी के बजाय एक आवश्यकता बन गए हैं, वेदांता फाउंडेशन, मुफ्त लैपटॉप प्रदान करके विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का लक्ष्य रखता है। तमाम चुनौतियों और कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद इन लड़कियों ने शिक्षा का दामन नहीं छोडा, इसे देखते हुए इस तरह की पहल तो बहुत पहले शुरू हो जानी चाहिए थी।‘‘
पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो बी.एल. शर्मा ने कहा, “वेदांता जैसी कंपनियों की मदद से शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार हो रहे हैं और हम समाज के सभी आर्थिक वर्गों के छात्रों को बेहतर गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने में सक्षम पाए हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इस तरह की पहल से विद्यार्थी शिक्षा को लेकर और जिम्मेदार तथा गंभीर बनें और इसी तरह वे राष्ट्र के विकास में योगदान कर सकते हैं।‘‘
वेदांता में शिक्षा पर हमेशा प्राथमिक तौर पर ध्यान केंद्रित किया जाता है और यह पहल इसी सिलसिले को आगे बढ़ाती है। सरकार द्वारा डिजिटल इंडिया पर और अधिक जोर देने के साथ, इसकी सफलता इस बात पर निर्भर है कि युवाओं तक इसकी पहुंच और उपलब्धता कितनी है। इसी तरह युवा वर्ग इसका उपयोग देश के विकास में करते हैं। निश्चित तौर पर इस पहल से हमें डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में मदद मिलेगी।


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