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Monday, August 26, 2019

आईटीएसएल ने गुजरात स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के साथ साझेदारी की


AGS Transact Technologies Limited : India Transact Services Limited Ties Up With Gujarat State Cooperative Bank (GSCB) To Digitally Empower its Merchant Base


मुंबई, एक डिजिटल भुगतान और मर्चेंट सॉल्यूशन प्रदाता इंडिया ट्रांजेक्ट सर्विसेज लिमिटेड (आईटीएसएल) ने गुजरात स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (जीएससीबी) के साथ उनके मर्चेन्ट बेस को डिजिटल तौर पर सशक्त बनाने और उनके कारोबार को और आगे पहुंचाने के लिए साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत आईटीएसएल अपने कस्टमाइज्ड ऑनगो पीओएस सॉल्यूशंस एमपीओएस सॉल्यूशंस का विस्तार बैंक की मौजूदा मर्चेंट बेस के माध्यम से जिनकी गुजरात में 1,000 से ज्यादा शाखाए है और को-ऑपरेटिव बैंक के 18 से ज्यादा डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव सेंट्रल बैंक्स (डीसीसीबी)की सहायता से करेगा।
इंडिया ट्रांजेक्ट सर्विसेज लिमिटेड (आईटीएसएल), एजीएस ट्रांजेक्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (एजीएसटीटीएल) के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई है, जो देश भर में 110,000 पीओएस टर्मिनलों (मार्च 2019 तक) वाली एंड-टू-एंड कैश और डिजिटल भुगतान समाधानों की अग्रणी प्रदाताओं में से एक है।
गुजरात स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के साथ की गई इस साझेदारी की जानकारी देते हुए इंडिया ट्रांजेक्ट सर्विसेज लिमिटेड के  रिटेल - डिजिटल बिजनैस हैड  श्री सुनील खोसला ने कहा, ‘‘ पीओएस समाधान के लिए एक शीर्ष बैंक के साथ यह हमारी पहली साझेदारी है। अन्य राज्यों में हम सहकारी बैंकों के साथ सीधे काम करते हैं। हमारा मानना ​​है कि इस तरह के सहयोग से हम सुदूर कस्बों सहित गुजरात के बाजारों में गहरी पैठ बनाने में कामयाब रहेंगे और इस तरह हमारे व्यापारी अधिग्रहण पोर्टफोलियो को और मजबूती हासिल होगी। हमारे एकीकृत डिजिटल भुगतान पोर्टफोलियो में बहु-स्वीकृति वाले डिवाइस-आधारित और डिवाइस रहित प्लेटफॉर्म समेत अनेक सॉल्यूशंस शामिल हैं, जैसे ऑनगो स्मार्ट पीओएस। साथ ही, वैल्यू एडेड सॉल्यूशंस भी हैं, जैसे ऑनगो बिलिंग़़ और प्रीपेड और लॉयल्टी प्रोग्राम, जो व्यापारियों की डिजिटल भुगतान क्षमताओं को बढ़ाएंगे। हमारे पास देश में एक मजबूत पोर्टफोलियो मौजूद है और इस साझेदारी से हम गुजरात में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करेंगे।‘‘
भारत में डिजिटल भुगतान को व्यापक रूप से अपनाने के लिए प्रधानमंत्री जन-धन योजना, आधार सक्षम भुगतान प्रणाली, यूपीआई, स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच इत्यादि कारणों से अनुकूल परिस्थितियाँ बनी हुई हैं और इन्हीं कारणों से पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल भुगतान में काफी वृद्धि हुई है। टैक्नोलॉजी के लिहाज से बहुत एडवांस होने के बाद भारतीय डिजिटल भुगतान सेवाओं के ईको-सिस्टम में उपभोक्ताओं को तेजी से स्थानान्तरण, सुविधा और तेजी से चेक आउट के विकल्प मिल रहे हैं। हालांकि उपभोक्ताओं के लिए डिजिटल भुगतान करने के लिए कई फॉर्म फैक्टर उपलब्ध हैं, लेकिन मर्चेंट एक्सेप्टेंस पॉइंट्स की कमी अभी भी देश में एक संकट के तौर पर कायम है।
आईटीएसएल एंड-टू-एंड डिजिटल समाधान प्रदान करने के लिए अपनी क्षमताओं का लाभ उठाएगा और जीएससीबी के साथ मिलकर अधिक से अधिक व्यापारियों को डिजिटल इंडिया पहल के दायरे में लाने का प्रयास करेगा।


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