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Thursday, October 10, 2019

भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी के संस्थापक डॉ. राजेंद्रकुमार जोशी की स्मृति में लगााए गए 300 पौधे




भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी के संस्थापक डॉ. राजेंद्रकुमार जोशी की स्मृति में लगााए गए 300 पौधे





जयपुर। भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) ने अपने संस्थापक-अध्यक्ष डॉ. राजेंद्रकुमार जोशी की स्मृति में अपने कैंपस में पौधारोपण अभियान आयोजित किया। इस दौरान छात्रों ने बीएसडीयू कैंपस के आसपास 300 से पौधे लगाए। यूनिवर्सिटी ने छात्रों को ही इन पौधोें की देखरेख करने का दायित्व सौंपा है। छात्र इन पौधों की देखभाल करने के साथ-साथ इन्हें पानी देने और समय-समय पर इनके रखरखाव का काम भी करेंगे, ताकि पौधे आसानी से वृक्ष में बदल सकें। पौधारोपण अभियान का आयोजन बीएसडीयू के उप कुलपति डॉ. (ब्रि) सुरजीतसिंह पाब्ला और प्रोवोस्ट डॉ. रवि गोसाईं की मौजूदगी में किया गया।
बीएसडीयू ने पौधारोपण अभियान का आयोजन अपने मेंटॉर और गाइड डॉ. राजेंद्रकुमार जोशी की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के लिहाज से किया था। बीएसडीयू ने हमेशा उन्हें अपना रोल मॉडल माना। डॉ जोशी अपने देश और यहां की युवा शक्ति की बेहतरी के लिए आखिरी सांस तक निरंतर प्रयास करते रहे। डॉ जोशी भारत के युवाओं को स्किल्ड कर उन्हें सशक्त बनाने की अपनी विरासत पीछे छोड़ गए हैं।
बीएसडीयू मौजूदा दौर के पर्यावरणीय संकट की तरफ लोगांे का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास करता रहा है और इसी दिशा में यह इंगित करने का प्रयास भी किया गया है कि कैसे अधिक से अधिक पेड़ लगाना पर्यावरण की रक्षा के लिए एक छोटा, लेकिन महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। छात्रों और संकाय सदस्यों ने परिसर में प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने की शपथ भी ली और इसके स्थान पर कागज या कपड़े की थैली, कागज पैकेजिंग आदि प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग करने का वादा किया। बीएसडीयू एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को रोकने की कोशिश कर रहा है और छात्रों ने रियूजिंग, रिड्यूसिंग और रिसाइक्लिंग के महत्व को भी सीखा है।
बीएसडीयू के उप कुलपति डॉ. (ब्रि) सुरजीतसिंह पाब्ला ने कहा, ‘‘हम अपने अध्यक्ष और संस्थापक डॉ राजेंद्रकुमार जोशी के आकस्मिक निधन से स्तब्ध और शोक संतप्त हैं। डॉ जोशी आधुनिक कौशल के अग्रणी थे और हम देश के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए उनके दृष्टिकोण का अनुसरण करने की योजना बना रहे हैं। बीएसडीयू में हमने अपने अध्यक्ष की स्मृति में प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग में कटौती करने का निर्णय किया है और हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि परिसर के आसपास किसी किस्म का प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्र नहीं होने पाए। आज हमने जो पेड़ लगाए हैं, उनकी देखभाल छात्रों द्वारा ही की जाएगी और वे विश्वविद्यालय में अपने पूरे प्रवास के दौरान उनकी देखभाल करेंगे। इससे उन्हें यह सबक मिलेगा कि पर्यावरण की रक्षा का क्या महत्व है और कैसे हमारी लापरवाही इसे प्रभावित कर सकती है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।”
बीएसडीयू के प्रोवोस्ट डॉ. रवि गोसाईं ने कहा, ‘‘हमारे कौशल छात्रों ने अपने हाथों से काम करना भी सीखा है और वे आज उन्होंने हमारे संस्थापक और अध्यक्ष डॉ राजेंद्रकुमार जोशी के दृष्टिकोण का अनुसरण करते हुए यही सीखा है कि किस तरह हम एक पेड़ लगाकर भी पर्यावरण की रक्षा में अपना योगदान दे सकते हैं। छात्र यह भी सीखेंगे कि वे जिस दुनिया में रहते हैं, उसके लिए वे खुद कैसे जिम्मेदार हैं और वे खुद जिस दुनिया में रहते हैं, उसे वे कैसे बनाते हैं। इन युवाओं को यह समझना आवश्यक है कि वे अपनी धरती मां के साथ कैसा बर्ताव करते हैं, इस सीख के जरिये निश्चित तौर पर वे अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर और सजग रह पाएंगे। पर्यावरण रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने का यही सही समय है और युवा शक्ति को देश में बदलाव लाने के लिए कार्य करना होगा।”

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