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Thursday, December 19, 2019

तलाक के बाद जीवन बीमा आपकी मदद करता है-ऋषभ गांधी


Article by Mr. Rushabh Gandhi, Deputy CEO - IndiaFirst Life Insurance





कोई इंसान शायद ही कभी ये कल्पना करता हो कि शादी जैसा पवित्र रिश्ता अचानक खत्म हो सकता है. लेकिन, आजकल ऐसा हो रहा है और बहुत तेजी से हो रहा है. अकेले मुंबई महानगर में, 2014 में तलाक दर में 122 फीसदी की वृद्धि हुई है.
जब वित्तीय फैसलों की बात आती है, खासकर भारतीय महिलाओं के लिए, तब वे अक्सर अपने जीवन के वित्तीय लक्ष्यों को चुनने की जिम्मेवारी पुरुषों पर छोड देती है. पुरुष पर आश्रित महिलाओं के लिए तलाक के बाद अपने लिए ऐसी वित्तीय प्लानिंग करना कठिन हो सकता है जो उसके एनई जिन्दगी और जरूरतों के अनुकूल हो. यदि साथ में बच्चे या आश्रित माता-पिता हैं तो यह स्थिति और महत्वपूर्ण हो जाता है.
वित्त मामलों में बचत स्तर की परवाह किए बिना, एक टर्म-प्लान लाइफ इंश्योरेंस अकेली महिलाओं (तलाकशुदा) को अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए बेहतर कदम हो सकता है. यह कहना है ऋषभ गांधी, डिप्टी सीईओ - इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस का।
विशेष रूप से ऐसे मामलों में जहां महिलाओं को लगता है कि उन्हें जीवन बीमा की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि उनके पास कोई आश्रित नहीं है और वे यूलिप या म्यूचुअल फंड जैसे विकल्पों में निवेश करना सही मानती है, क्योंकि उसमें रिटर्न की बात की जाती है. जब तक आप जीवित है, हम आपके निवेश विकल्पों को सही मान सकते है. लेकिन, आपके न रहने की स्थिति में आपके परिजन आपके ऋण या कर का भुगतान शायद ही करे. आपके निवेश पोर्टफोलियो मिश्रण का हिस्सा होने के कारण, एक प्योर लाइफ टर्म इंश्योरेंस प्लान ऐसी स्थिति न आने की गारंटी देता है.
जैसा कि पहले बताया गया है, यदि बच्चे या अन्य प्रियजन आर्थिक रूप से आप पर निर्भर हैं, तो एक टर्म-प्लान रखना आवश्यक है. उनके द्वारा प्राप्त किए जाने वाला बीमा भुगतान आपके परिवार की सहायता करेगा. क्या आप ऐसा विकल्प छोडना पसन्द करेंगे? यह विकल्प उन्हें आज के जीवन जीने की उच्च लागत से बचाए रखेगा, जब आप उनके साथ नहीं होंगी.
तलाक किसी के भी जीवन में भावनात्मक कहर ढाता है, लेकिन यह निश्चित रूप से तथाकथित 21वीं सदी के जीवन की वास्तविकता है. यह केवल असंख्य वित्तीय समस्याओं के साथ नहीं आता है, बल्कि ये महिला के जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित करता है.
तलाक के बद की जिन्दगी या मृत्यु की वजह से जो भावनात्मक उथल-पुथल उत्पन होता है, उसे कोई बीमा कवर नहीं कर सकता. हालांकि, जीवन बीमा आपके जीवन के कुछ अनचाहे और दुखद कारणों को दूर जरूर कर सकता है.

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