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Monday, September 9, 2019

कार्बन -मुक्त इस्पात उत्पादन के लिए व्यावसायिक तैयारी का आकलन करने वाली सीडीपी की सूची में एसएसएबी को मिला पहला स्थान



 SSAB tops CDP's list assessing business readiness in fossil-free steel production


मुंबई। वैश्विक इस्पात कंपनी एसएसएबी धीरे-धीरे अपने कार्बन उत्सर्जन को खत्म करने और 2045 तक कार्बन -मुक्त इस्पात उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने के लिए कदम उठा रही है। कंपनी के इन प्रयासों को मान्यता देते हुए सीडीपी (पूर्ववर्ती कार्बन डिस्क्लोजर प्रोजेक्ट) ने अपने हालिया विश्लेषण में एसएसएबी को निम्न-कार्बन परिचालन के लिए तैयार स्टील कंपनियों के कारोबार की श्रेणी में पहले स्थान पर रखा है।
रिपोर्ट ने दुनिया की 20 सबसे बड़ी सूचीबद्ध इस्पात कंपनियों का विश्लेषण किया है, जो कुल मिलाकर वैश्विक इस्पात उत्पादन में 30% का योगदान देती हैं। 2016 में हुए पिछले विश्लेषण में एसएसएबी को सीडीपी रिपोर्ट में दूसरा स्थान मिला था।
अपने प्रमुख ब्रांड हार्डोक्स वियर प्लेट और स्ट्रेनएक्स परफॉर्मेंस स्टील के साथ एसएसएबी की एक दशक से भारत में मौजूदगी है। कंपनी ने ग्राहकों को इन उच्च मजबूती वाले इस्पात के इस्तेमाल के जरिए अपने उपकरणों का वजन कम करने, ईंधन की बचत करने और उत्पाद का जीवनकाल बढ़ाने में मदद की है - ये ऐसे कारक हैं जो उनके कार्बन फुटप्रिंट को घटाने के मामले में एक बड़ा असर डालते हैं। इन इस्पात का उपयोग विभिन्न प्रकार के भारी उपकरणों में किया जाता है, जैसे कि डम्पर बॉडीज, बकेट्स, ट्रेलर, और लिफ्ट करने, परिवहन, रीसाइक्लिंग और कृषि के उपकरण।
सीडीपी की रिपोर्ट ने एसएसएबी के हाइब्रिट इनिशिएटिव पर रोशनी डाली है। इसके साथ ही रिपोर्ट में ब्लास्ट फर्नेस को बंद करके उनकी जगह इलेक्ट्रिक आर्क का इस्तेमाल करते हुए जीवाश्म मुक्त इस्पात उत्पादन की इसकी योजना का भी विशेष उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट यह भी कहती है कि इस्पात कंपनियों के बीच एसएसएबी का सर्वाधिक महत्वाकांक्षी उत्सर्जन लक्ष्य है। इसे बदलाव से उत्पन्न होने वाले जोखिमों का प्रबंधन करने के मामले में ऊंचा स्थान दिया गया है और इस्पात उद्योग में सबसे अधिक कार्बन डाइऑक्साइड-कुशल उत्पादन प्रणालियों में से एक होने को लेकर इसकी सराहना की गई है।
इस अहम उपलब्धि के बारे में बात करते हुए एसएसएबी के तुर्की, मध्य पूर्व और भारत के निदेशक सर्जियो मोयानो ने कहा,ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में वैश्विक इस्पात उद्योग का 7- 9% हिस्सा है और औद्योगिक-पूर्व स्तरों के ऊपर बढ़ते वैश्विक औसत तापमान को 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे बनाए रखने संबंधी पेरिस समझौते के दीर्घकालिक लक्ष्य के अनुरूप होने के लिए सेक्टर को 2050 तक 2014 के अपने उत्सर्जन स्तर को 65% तक घटाने की जरूरत होगी। एसएसएबी ने हमेशा अपने ग्राहकों और पर्यावरण के लिए संवहनीय समाधानों की दिशा में काम किया है। हाइब्रिट जैसी पहल और ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता वाला इस्पात अपनाने के लिए जागरूक बनाना इसी विचार प्रक्रिया का हिस्सा है। हम सीडीपी को धन्यवाद देते हैं कि उसने कार्बन मुक्त परिचालन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मान्यता दी है।
इस्पात के अलावा, सीडीपी की सेक्टर रिसर्च सीरीज ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रिक यूटिलिटीज, रसायन, खनन, सीमेंट, तेल और गैस, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर गुड्स, शिपिंग आदि जैसे ऊंचा असर रखने वाले उद्योगों पर गहरी नजर डालती है।

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