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Friday, February 8, 2019

एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के पालन में चलाया जागरूकता अभियान

 
  Exide Life Insurance - Helmet Saves Children campaign in Jaipur



जयपुर। रिस्पॉन्सिबिलिटी प्रोग्राम ‘हेलमेट सेव्स चिल्ड्रन’ के एक हिस्से के रूप में एक्साइड लाइफ़ इंश्योरेंस ने बच्चों के लिए हेलमेट से जुड़ी सुरक्षा के महत्व पर नागरिकों को जागरूक करने के लिए जयपुर ट्रैफ़िक पुलिस और शहर के दो स्कूलों के साथ भागीदारी की है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह को देखते हुए, कंपनी ने हेलमेट और सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालने के लिए ‘हेलमेट सेव्स चिल्ड्रन’ अभियान जारी रखा है।
           इस अभियान का उद्देश्य शहर के भीड-भाड वाले यातायात जंक्शनों पर शनिवार (7 - 9 फरवरी) तक विभिन्न गतिविधियों के साथ शहर में जागरूकता पैदा करना है। संदेश को जीवंत करते हुए स्कूली बच्चे यातायात पुलिस की देखरेख में वाहन चालकों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए शहर के प्रमुख ट्रैफ़िक जंक्शनों पर सुरक्षा से संबंधित प्रदर्शन करेंगे।
जागरूकता अभियान में छात्रों ने संदेश लिखी तख्तियां थाम कर सड़कों पर मार्च किया और विशेष तौर पर दुपहिया सवारों को हेलमेट सुरक्षा पर लीफलेट्स बांटे। एबीआई ओए पब्लिक स्कूल, मानसरोवर के स्कूली छात्रों के एक समूह ने एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस के स्वयंसेवकों के साथ हेलमेट पहनकर गंगा-जमुना पेट्रोल पंप पर हाई ट्रैफिक जंक्शन को संभाला, जहां उन्होंने खासतौर पर उन दुपहिया सवारों को चेताया जो अपने बच्चों के साथ बिना हेलमेट के सवारी कर रहे थे।
एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस में मार्केटिंग और डायरेक्ट चैनल के डायरेक्टर मोहित गोयल ने बताया, ‘पिछले साल हमने हेलमेट पहनने की आदतों पर एक सर्वे किया और बच्चों को पिछली सीट पर बैठा कर चलने वाले राइडर्स के बारे में चौंकाने वाली जानकारियां हासिल कीं- जैसे पिछली सीट पर बैठे 4 में से 3 बच्चों ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था। यूएन मोटरसाइकिल हेलमेट स्टडी के अनुसार, एक उपयुक्त हेलमेट पहनने से दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति में सवारों के बचने की संभावना में 42 फीसदी सुधार हो सकता है वहीं 69 फीसदी अवसरों पर चोट से बचा जा सकता है। यह महत्वपूर्ण है कि हम माता-पिता और बच्चों दोनों के बीच जागरूकता पैदा करके इस मुद्दे को हल करें। हम ‘हेलमेट सेव्स चिल्ड्रन’ का समर्थन करने और यह संदेश फैलाने में मदद करने के लिए ट्रैफिक पुलिस विभाग के आभारी हैं।’
एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह को अपना समर्थन जाहिर करने के लिए संबंधित शहर के यातायात पुलिस के सहयोग से पुणे, भोपाल और मैसूर में अपने अभियान का विस्तार करने की योजना बनाई है।
पिछली सीट के सवारों के रूप में बच्चों के हेलमेट पहनने के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिहाज से, एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस ने 14 नवंबर 2018 को एक आकर्षक रैप सॉन्ग ’वॉयस ऑफ चिल्ड्रन’ के माध्यम से ’हेलमेट सेव चिल्ड्रन’ अभियान शुरू किया, जो न मौजूदा दौर के अनुसार है एक सहज अंदाज में महत्वपूर्ण संदेश भी देता है। फिल्म में बच्चों के एक फ्लेश-मॉब के साथ एक आकर्षक रैप सॉन्ग है जो बच्चों में हेलमेट पहनने की आवश्यकता पर रोशनी डालता है। वीडियो में सड़क सुरक्षा के अधिकार के प्रदर्शन में मुख्य पात्र के रूप में बच्चों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। अभियान फेसबुक, यूट्यूब, ट्विटर, इंस्टाग्राम और विभिन्न ऑनलाइन पोर्टल्स जैसे प्लेटफार्मों पर खासा सफल रहा है।
एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस की ओर से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक मजबूत सीएसआर अभियान ‘हेलमेट सेव्स’ 2017 में शुरू किया गया था। पिछले साल अभियान के एक हिस्से के रूप में, सवारों के बीच हेलमेट पहनने की आदतों पर एक सर्वेक्षण किया गया था। सामने आए रुझान चौंकाने वाले थे - लगभग 50 फीसदी माता-पिता अपने बच्चों को बिना हेलमेट के मोटरसाइकिल चलाने देते हैं और पीछे बैठने वाले कम से कम 75 फीसदी को दिन में कम से कम एक बार असुरक्षित रूप से सवारी करते हुए देखा गया है।
समाज के सबसे ध्यान दिए जाने लायक वर्गों में से एक होने के बावजूद बच्चों में हेलमेट नहीं पहनने वाली चिंताजनक प्रवृत्ति ने कंपनी को इस साल अपना ध्यान बाल सुरक्षा पर बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। हाल ही में कंपनी द्वारा किए गए एक ट्विटर पोल के द्वारा बाल सुरक्षा पर निष्कर्षों को भी पुष्टि की गई थी। यह पता चला कि हर 10 में से 8 व्यक्ति दिन में कम से कम एक बार दो पहिया वाहन पर बिना हेलमेट के बच्चों को देखते हैं। ये चौंकाने वाले आंकड़े यह भी सामने लाते हैं कि 37 फीसदी लोगों का मानना ​​है कि बिना हेलमेट जाने का मुख्य कारण इसे नहीं पहनने की आदत है। हेलमेट पहनने के बारे में जागरूकता की कमी (33 फीसदी) इसके बाद आता है।
        इसके अतिरिक्त, 10 में से 1 व्यक्ति अपने बच्चे को बिना हेलमेट के मोटरसाइकिल पर सवारी करने की अनुमति देगा, अगर उन्हें स्कूल या काम के लिए देर हो रही है। इन खतरनाक आंकड़ों के बावजूद, 10 में से 8 लोग अपने बच्चे को बाइक पर जाने पर हेलमेट पहनने पर जोर देते हैं। इससे पता चलता है कि लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित तो हैं लेकिन वे जो कर रहे हैं, वह इसके विपरीत हैं।
हेलमेट सेव्स अभियान के माध्यम से, एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस हेलमेट पहनने के महत्व पर जागरुकता पैदा करने के लिए अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना इसी तरह जारी रखेगा।

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