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Friday, March 29, 2019

राष्ट्रपति ने आरयूजे ग्रुप के डॉ. राजेंद्र कुमार जोशी को उनके प्रेरणास्पद योगदान के लिए किया सम्मानित



RUJ Group's Dr. Rajendra Kumar Joshi Awarded by Hon'ble President of India for his exemplary contributions


जयपुर. आरयूजे ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. राजेंद्रकुमार जोशी को प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित किया गया है। भारत के राष्ट्रपति की ओर से स्विट्जरलैंड में स्थित दूतावास के भारतीय राजदूत  सिबी जॉर्ज ने अपने निवास पर डॉ. जोशी को एक प्रशस्ति पत्र और पदक सौंपा। यह पुरस्कार उन्हें विज्ञान, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए प्रदान किया गया।
प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार (पीबीएसए) भारत के राष्ट्रपति की ओर से भारत को प्रतिष्ठा और गौरव दिलवाने वाले महत्वपूर्ण योगदान के लिए अनिवासी भारतीयों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। 2019 के प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का विषय था ‘न्यू इंडिया के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका।’ इस वर्ष प्रवासी भारतीय सम्मान से 30 लोगों को सम्मानित किया गया।
डॉ. जोशी स्विट्जरलैंड में बसे भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक हैं और साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता महावीरप्रसाद जोशी के पुत्र हैं।
डॉ. राजेंद्र कुमार जोशी को मुख्य रूप से मल्टीपल स्केलेरोसिस के लिए पथप्रवर्तक दवा टेकफिडेरा (बीजी12) विकसित करने का श्रेय दिया जाता है। टेकफिडेरा को बायोजेन द्वारा वैश्विक स्तर पर बेचा जाता है और इसे एक ब्लॉकबस्टर उत्पाद माना जाता है। चिकित्सकीय अनुमोदन के तुरंत बाद टेकफिडेरा ने प्राथमिक देखभाल और सर्वश्रेष्ठ ड्रग इनोवेशन की श्रेणी में ‘मोस्ट इनोवेटिव प्रोडक्ट’ गोल्डन टैबलेट पुरस्कार जीत लिया था। एफडीए की ओर से इस दवा को गोल्ड स्टैंडर्ड बेंचमार्क दिया गया है। जर्मनी में बेची जा रही सोरायसिस की दवा फ्यूमाडर्म भी जोशी का एक प्रमुख आविष्कार था। डॉ. जोशी के नाम लगभग 300 से अधिक ड्रग पेटेंट हैं, जिनमें से कुछ बीमारियों को वैश्विक स्तर पर बहुत खतरनाक माना जाता है।
डॉ. राजेंद्र कुमार जोशी और उर्सुला जोशी कौशल-समर्थित व्यवसाय मॉडल विकसित करके भारत में भी अपना योगदान दे रहे हैं, जिसमें स्नातक स्तर की पढ़ाई के दौरान ही भारतीय युवा अपने कॅरियर की राह तय कर लेते हैं ताकि स्नातक होने के साथ ही वे अपना भाग्य बदल देने वाला कौशल हासिल कर सकें। इस कारण से, उन्होंने भारत में कौशल विकास की उत्कृष्ट स्विस प्रणाली लाने के लिए भारतीय स्किल डवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) की स्थापना की है।
भारतीय स्किल डवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) भारत का पहला अनूठा कौशल विकास विश्वविद्यालय है, जो भारतीय युवाओं की प्रतिभाओं के विकास के लिए अवसर, स्थान और गुंजाइश बनाकर और उन्हें विश्व स्तर पर फिट बनाते हुए कौशल विकास के क्षेत्र में वैश्विक उत्कृष्टता के दृष्टिकोण पर चलता है।
भारतीय स्किल डवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) के अलावा, उन्होंने विभिन्न ट्रेडों में निवेश किया है, जैसे आरयूजे एंड एसआरएम मैकेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (आरएस इंडिया) - एक प्रिसिजन पार्ट्स मशीनिंग एंड मैकेनिकल असेंबली यूनिट, राजेंद्र और उर्सुला जोशी फूड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड (रुफिल) - एक खाद्य और डेयरी प्रसंस्करण इकाई, आरयूजे वुडक्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड - एक प्रीमियम फ़र्नीचर विनिर्माण इकाई, आरयूजे एलेकॉन प्राइवेट लिमिटेड - विद्युत परियोजनाओं के लिए एक बी2बी व्यवसाय, आरयूजे हॉस्पिटल्स प्राइवेट लिमिटेड - एक मल्टी सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल। यह इसलिए है ताकि कौशल प्रशिक्षण हासिल करने के बाद छात्र या तो इन उद्योगों में से किसी एक में शामिल हो जाएं या अपने संबंधित व्यापार की अन्य कंपनियों में शामिल हो सकें। छात्रों को इस तरह प्रशिक्षित किया जाता है कि पाठ्यक्रम के बाद, अगर वे चाहें तो खुद भी उद्यमी बन सकते हैं और अपने उद्यम चला सकते हैं।
डॉ. राजेंद्र कुमार जोशी का अपने सपनों में एक दूरदर्शी और एक मजबूत भरोसा हैं। वे राष्ट्र के गौरव के लिए स्वप्न देखते हैं और विकास की कहानी कहने के लिए सुधार लाने की दिशा में काम करता है। राजस्थान से निकले डॉ. जोशी राष्ट्र का गौरव हैं।




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