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Thursday, August 8, 2019

एस्सार पोर्ट के सलाया टर्मिनल ने पहली तिमाही में कार्गो में 160 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की

Essar Ports' Salaya Terminal registers 160% cargo growth in Q1


सलाया। सलाया एस्सार पोर्ट के 20 एमटीपीए एस्सार बल्क टर्मिनल सलाया लिमिटेड (ईबीटीएसएल), जो गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में सबसे गहरे ड्राफ्ट टर्मिनल का परिचालन करता है, ने 30 जून 2019 को समाप्त तिमाही में 1.3 मिलियन टन कार्गो थ्रूपुट दर्ज कराया है। इस प्रकार, एस्सार पोर्ट ने न केवल पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले 160 प्रतिशत अधिक कार्गो संभाला है, बल्कि यह वर्ष 2018 में इस टर्मिनल के शुरू होने से लेकर अब तक का सबसे अधिक थ्रूपुट भी है।


वित्त वर्ष’20 1ली तिमाही (मिलियन टन में)
वित्त वर्ष’19 की 1ली तिमाही (मिलियन टन में)
वृद्धि (प्रतिशत)
कुल कार्गो
1.3
0.5
160

इस टर्मिनल का परिचालन वापस चालू होने के बाद 1200 डॅ पावर प्लांट (एस्सार पावर गुजरात) के साथ एकीकृत होने के साथ, ईबीटीएसएल को इस वर्ष की बाद की तिमाहियों में इसके टॉपलाइन एवं कार्गो थ्रूपुट में भारी वृद्धि की उम्मीद है। एकीकृत सलाया पावर प्लांट को हर वर्ष लगभग 4 एम एम टी की आवश्यकता होती है।

सलाया पोर्ट टर्मिनल, सौराष्ट्र क्षेत्र का पहला डीप-ड्राफ्ट टर्मिनल है। इसे केपसाइज वेसल्स तक को लंगर डालने हेतु डिजाइन किया गया है, और वेसल का टर्नअराउंड समय दुनिया के सर्वोत्तम मानक समय के अनुरूप है। इस प्रकार, यह क्षेत्र के स्थानीय उद्योग को प्रतिस्पर्द्धी लाभ प्रदान करता है। सलाया पोर्ट टर्मिनल सभी मौसमों में काम करने वाला टर्मिनल है। यह सौराष्ट्र क्षेत्र में भारी मात्रा में शुष्क कार्गो के शिपमेंट के लिए पहले से ही सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन है। यह कोयला, बक्साइट, लाइमस्टोन, उर्वरक आदि जैसे कमोडिटीज को संभालने में सक्षम है। यहां से कार्गो का आयात एवं निर्यात दोनों ही किया जा सकता है। सलाया पोर्ट टर्मिनल से जुड़ा यंत्रीकृत स्टॉकयार्ड जामनगर (ओखा हाइवे की ओर) से 50 किमी. दूर है। यह जामनगर-ओखा राज्य महामार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

एस्सार पोर्ट भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बंदरगाह और टर्मिनल डेवलपर्स और ऑपरेटरों में से एक है। इसने तीन भारतीय राज्यों में पांच विश्व स्तरीय टर्मिनलों को विकसित करने में 11,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके वर्तमान परिचालन में 110 एमपीटीए की संयुक्त क्षमता के साथ चार टर्मिनल हैं, जो भारत की बंदरगाह क्षमता का लगभग 5 प्रतिशत है। कंपनी गैर-कंटेनरीकृत बल्क कार्गो स्पेस में एक अग्रणी है। वित्त वर्ष’19 में 40 मीट्रिक टन थ्रूपुट दर्ज कराने के बाद, उम्मीद है कि एस्सार पोर्ट्स चालू वित्त वर्ष में 60 मिलियन टन से अधिक कार्गो को संभालेगा।

एस्सार पोर्ट्स के सभी टर्मिनल्स, कार्गो संभालने हेतु उन्नत बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हैं और ये निकट से लेकर मध्यम अवधि में क्षमता को दोगुनी करने हेतु सुसज्जित हैं। कंपनी केवल कार्गो थ्रूपुट को बढ़ाने पर ही ध्यान नहीं दे रही है, बल्कि अपनी क्षमता बढ़ाने और वर्ष 2020 तक देश में 3,130 मिलियन टन पोर्ट क्षमता विकसित करने के भारत सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य में भी सार्थक तरीके से योगदान दे रही है।


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