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Thursday, October 31, 2019

आईसीआईसीआई बैंक ने जारी किए 2 मिलियन फास्टैग

                                   

 ICICI Bank issues 2 million FASTag, highest in India


मुंबईः आईसीआईसीआई बैंक ने  घोषणा की कि उसने अब तक 2 मिलियन फास्टैग जारी किए हैं और इस तरह बैंक देश का अकेला ऐसा वित्तीय संस्थान बन गया है, जिसने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बैंक का लक्ष्य अगले छह महीनों में फास्टैग की संख्या को दोगुना करना है।

फास्टैग एक ब्रांड नाम है जिसका स्वामित्व भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) के पास है, जो इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग और एनएचएआई की अन्य सहायक परियोजनाओं का संचालन करता है। यह रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) टैग वाहन के विंडस्क्रीन पर चिपकाया जाता है। इसका इस्तेमाल करना भी आसान है, इसे फिर से लोड किया जा सकता है और इस तरह टोल शुल्क की स्वचालित कटौती हो जाती है और वाहन को नकद लेनदेन के लिए रुके बिना टोल प्लाजा से गुजरने देता है।

मूल्य और संख्या के मामले में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) बाजार में आईसीआईसीआई बैंक अग्रणी है। फास्टैग पर लेनदेन की संख्या के मामले में आधे से अधिक बाजार हिस्सेदारी पर बैंक का कब्जा है।  मूल्य के संदर्भ में, बैंक की बाजार हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से भी अधिक है। सितंबर 2019 में, पूरे उद्योग में 29 मिलियन फास्टैग लेनदेन में से आईसीआईसीआई बैंक ने कुल मिलाकर लगभग 395 करोड़ रुपए के लगभग 15.4 मिलियन लेनदेन किए।

बैंक की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए बैंक के हैड-अनसिक्योर्ड ऐसेट्स सुदीप्ता रॉय कहते हैं, ‘‘हम आईसीआईसीआई बैंक को देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर ईएचएमसीएल के साथ-साथ ईटीसी के कार्यान्वयन से जुड़े होने पर बहुत गर्व महसूस करते हैं। देश में सबसे पहले आईसीआईसीआई बैंक ने ही मुंबई - वडोदरा कॉरिडोर में इस अभिनव सेवा की शुरुआत की थी और आज बैंक ने दूसरे बैंकों के बीच अंतर-संचालन के लिए राष्ट्रीय मानक बनाने के लिए मानदंड निर्धारित किए हैं।‘‘

‘‘हमारा मानना ​​है कि टोल प्लाजा पर भीड़ भरे माहौल के बीच फास्टैग वाहन चालकों के लिए राह सुविधाजनक बनाता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल करने वाले चालकों को शुल्क अदा करने के लिए रुकने की जरूरत नहीं होती, जिससे उनका समय बचता है। फैस्टैग की बढ़ती लोकप्रियता और सरकार की पहल के कारण ही हम 2 मिलियन टैग जारी करने की उपलब्धि हासिल करने में कामयाब हो सके हैं। देश का कुल टोल बाजार अनुमानित रूप से सालाना लगभग 20,000 करोड़ रुपये का है। इसमें से लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा ईटीसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से एकत्र किया जा रहा है, यह दर्शाता है कि इस महत्वपूर्ण भुगतान क्षेत्र में डिजिटलीकरण को और आगे ले जाने का एक बड़ा अवसर मौजूद है। सभी टोल प्लाजाओं के लिए फास्टैग को अनिवार्य बनाने के वर्तमान आदेश के साथ, हम अगले छह महीनों में अपने पोर्टफोलियो को दोगुना करते हुए 4 मिलियन तक ले जाने का लक्ष्य रखते हैं। हम ईटीसी प्रोग्राम के तहत नए राजमार्गों को भी शामिल कर रहे हैं - हाल ही में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और हैदराबाद आउटर रिंग रोड को इसमें शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, हम विभिन्न साझेदारों के साथ सहयोग कर रहे हैं ताकि हवाई अड्डे और मॉल में पार्किंग के लिए भी फास्टैग के माध्यम से भुगतान किया जा सके। फास्टैग की उपलब्धता बढ़ाने के लिए प्रमुख ई-कॉमर्स पोर्टल्स के साथ साझेदारी करने की भी योजना बना रहे हैं।‘‘

फास्टैग प्लेटफॉर्म बैंक द्वारा एकल टैग का उपयोग करके मोटर चालकों को बैंक द्वारा अधिग्रहित कई टोल प्लाजा पर भुगतान करने की अनुमति देता है। वर्तमान में, बैंक राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर 212 टोल प्लाजा संभालता है। वर्तमान में फास्टैग के तहत संचालित कुल टोल प्लाजा का यह लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा है।
आगे भी परिचालन को बढ़ाने के लिए, बैंक ने अग्रणी वाहन निर्माताओं के साथ विनिर्माण के स्तर पर ही फास्टैग जारी करने और उपयोग को बढ़ाने के लिए करार किया है। बैंक ने हजारों वाहन मालिकों और  और बड़े राज्य परिवहन संगठनों से भी टाई-अप किया है। बैंक फास्टैग के उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए नामक्कल, वारंगल, गांधीधाम, वापी, दिल्ली, मानेसर, जेएनपीटी, हुबली और कानपुर जैसे विभिन्न परिवहन केंद्रों पर सीधे बड़े ऑपरेटरों के पास पहुंच रहा है। बैंक ने ग्राहकों के प्रश्नों को हल करने और हल करने में मदद करने के लिए देश भर में 500 प्रशिक्षित और समर्पित कर्मियों को भी तैनात किया है, जिससे ईटीसी प्लेटफॉर्म का निर्बाध कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके। व्यक्तिगत खुदरा ग्राहक बैंक की वेबसाइट और मोबाइल बैंकिंग ऐप से एक नया फास्टैग खरीद सकते हैं, और बैंक के इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई और एनईएफटी प्लेटफार्मों का उपयोग करके टैग को काम में ले सकते हैं।

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