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Wednesday, February 26, 2020

एनपीसीआई ने शुरू किया यूपीआई जागरूकता अभियान



                     

 "UPI Chalega" - A UPI awareness campaign presented by NPCI in association with the payment ecosystem players


मुंबई।नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने पेमेंट ईकोसिस्टम से जुड़ी कंपनियों के साथ मिलकर एक इंडस्ट्री कैंपेन ‘यूपीआई चलेगा‘ की शुरुआत की है, जो खास तौर पर यूपीआई को आसान, सुरक्षित और त्वरित भुगतान के रूप में बढ़ावा देने के लिहाज से तैयार किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को यूपीआई के सही उपयोग की दिशा में मार्गदर्शन देना है, ताकि वे अपने दैनिक जीवन में एक आदतन परिवर्तन करते हुए यूपीआई का नियमित तौर पर इस्तेमाल करने लगें। अभियान के दौरान यूपीआई एप्लिकेशन पर लेनदेन करते समय सुरक्षा पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
यह अभियान भारतीय स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं को विभिन्न अवसरों पर यूपीआई का उपयोग करने में आसानी के लिए मार्गदर्शन करने के लिए लक्षित करता है। ये ऐसे अवसर हैं, जहाँ नकद या किसी अन्य भुगतान मोड के बजाय यूपीआई का उपयोग किया जा सकता है। यह अभियान सभी उम्र के उपयोगकर्ताओं को लक्षित करता है और इसका उद्देश्य सुरक्षित रूप से यूपीआई के उपयोग को बढ़ावा देना है। ‘यूपीआई चलेगा‘ अभियान ग्राहकों को उनके दैनिक खर्चों जैसे कि सब्जी की दुकान, पेट्रोल पंप, रेस्तरां, ई-कॉमर्स, बिल भुगतान, आदि के लिए यूपीआई का उपयोग करने के बारे में शिक्षित करता है।
इस कैम्पेन से जुड़ी क्रिएटिव एजेंसी ओगिल्वी एंड मेथर (ओ एंड एम) ने इससे संबंधित कैरेक्टर रचा है, जिसका नाम है-  राव और जो ब्रांड यूपीआई की प्रवक्ता हैं। जब भी हाथ में नकदी का संकट होता है,  राव प्रकट होती हैं, और समस्या के सरल समाधान के रूप में यूपीआई लेनदेन का परिचय देती हैं। इस बारे में बनाए गए 6 टेलीविजन कॉमर्शियल (टीवीसी) में  राव द्वारा व्यंग्यपूर्वक कहानी कही गई है, जो दर्शकों को चीजों को खरीदने और बिलों को विभाजित करने के पुराने तरीकों में उनके विश्वास के लिए धीरे से फटकार लगाती है। विज्ञापन फिल्में इस शिक्षाप्रद नोट पर समाप्त होती हैं, ‘‘बटुए की जगह मोबाइल निकलो, लेनदेन की नई आदत डालो!‘
उदाहरण के लिए, एक टीवीसी में दिखाया गया है कि किस तरह पांच दोस्त किसी रेस्तरां में बिल को आपस में बांटने के तरीके पर अनावश्यक रूप से बहस कर रहे हैं। इसी दौरान मालिक सामने आता है और वह उनके बिल का भुगतान करने की पेशकश करता है। फिर श्रीमती राव ने उन्हें सुझाव देती हैं कि दोस्तों के बीच पैसों का बंटवारा करने के लिए वे नकद के बजाय यूपीआई का उपयोग करें।
यह कैम्पेन विभिन्न मीडिया चैनलों जैसे टेलीविजन, सिनेमा, आउटडोर, डिजिटल और रेडियो के साथ-साथ माइक्रोसाइट यूपीआई चलेगा डॉट कॉम पर भी नजर आएगा। इस माइक्रोसाइट में टीवीसी ‘हाऊ टू‘ के वीडियो भी अपलोड किए गए हैं, जिनमें यूपीआई का सुरक्षित रूप से उपयोग करने के बारे में वीडियो, लाइव बैंक और थर्ड पार्टी ऐप्स के बारे में जानकारी के साथ-साथ सोशल फीड है। पंजीकरण प्रक्रिया, यूपीआई आईडी क्या है, पिन चेंज, शिकायत निवारण, पैसे भेजने के बारे में, यूनिफॉर्म पेमेंट पेज से संबंधित पिन सीक्रेसी जिसे यूजर्स को हमेशा याद रखना चाहिए, इत्यादि जानकारियां माइक्रोसाइट यूपीआई चलेगा डॉट कॉम के ‘हाऊ टू‘ वीडियो में दी गई हैं।
एनपीसीआई की सीओओ प्रवीण राय ने कहा, ‘‘हम ‘यूपीआई चलेगा‘ अभियान शुरू करने की घोषणा को लेकर बहुत उत्साहित हैं। हमारा मानना ​​है कि डिजिटल भुगतान को अपनाने की दर में तेजी लाने और कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था के हमारे विजन के अनुरूप इस अभियान में उपयोगकर्ताओं को शिक्षित करने की अत्यधिक क्षमता है। हम अपने सदस्य बैंकों, भुगतान सेवा प्रदाताओं और तीसरे पक्ष के ऐप्स के साथ जुड़ने और इस दिलचस्प और शैक्षिक यूपीआई जागरूकता अभियान को डिजाइन करने में प्रसन्न हैं। हमें उम्मीद है कि हमारे अभियान की लीड कैरेक्टर यानी श्रीमती राव ग्राहकों को आसान और सुरक्षित यूपीआई भुगतानों में बदलाव करने और नकदी के उपयोग को प्रतिबंधित करने के लिए प्रेरित करेंगी।‘‘
एसबीआई के डीएमडी स्ट्रेटेजी एंड चीफ डिजिटल ऑफिसर  स्वामीनाथन जे ने कहा ‘‘एनपीसीआई के संस्थापक सदस्य के रूप में एसबीआई यूपीआई को लेकर जागरूकता पैदा करने और यूपीआई को अपनाने में वृद्धि करने के लिए एफएलएसी (फाइनेंशियल लिटरेसी एंड अवेयरनेस कैम्पेन) समिति का हिस्सा बनते हुए खुशी का अनुभव कर रहे हैं। वर्षों से, एसबीआई का प्रयास अपने ग्राहकों के बीच यूपीआई सहित सुरक्षित और सुविधाजनक डिजिटल भुगतान विधियों को बढ़ावा देना रहा है। पेमेंट इको-सिस्टम के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह यूपीआई के बारे में ग्राहकों को लगातार शिक्षित और सरल, त्वरित और देश में भुगतान विधियों के सबसे सुरक्षित तरीकों में से एक के रूप में सूचित करे।‘‘
फाइनेंशियल लिटरेसी एंड अवेयरनेस कैम्पेन समिति के चेयरमैन और कोटक महिंद्रा समूह के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर  कार्ति मार्शन ने कहा, ‘‘यह संभवतः पहली बार है कि बैंकिंग, भुगतान और फिनटेक कंपनियां यूपीआई के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एनपीसीआई के साथ मिलकर आ रहे हैं। सब मिलकर एक ऐसे व्यापक मल्टी-मीडिया अभियान को लेकर एक साथ आए हैं, जिसका उद्देश्य रुचि के साथ-साथ आकर्षक तरीके से लोगों को शिक्षित करना है। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैंने अपने साथियों और एनपीसीआई के साथ मिलकर काम किया है, जो भारत को कम नकदी वाली डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए अग्रणी इस महत्वपूर्ण एजेंडे को पूरा करने में जुटे हुए हैं।‘‘
ओगिल्वी के मुख्य क्रिएटिव ऑफिसर (वर्ल्डवाइड) और एक्जीक्यूटिव चेयरमैन (इंडिया) पीयूष पांडे ने कहा, ‘‘डिजिटल मनी कैश कैरी करने का सबसे सरल विकल्प है। और यह सुरक्षित भी है। लेकिन ज्यादातर उपभोक्ताओं को इस बारे में जानकारी नहीं है। वे अभी भी अपने लेनदेन में से अधिकांश अवसरों पर नकदी पर भरोसा करते हैं। हम एक सरल रचनात्मक समाधान के साथ आना चाहते थे जो व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित करता है। हमारा संदेश - यूपीआई चलेगा - एक छोटा और प्रभावी ट्रिगर है।‘‘
एनपीसीआई का प्रमुख उत्पाद यूपीआई उपयोगकर्ताओं को एक बैंक खाते के विवरण को दूसरे पक्ष को बताए बिना कई बैंक खातों में वास्तविक समय के आधार पर धनराशि स्थानांतरित करने की अनुमति देता है। यह सरल, सुरक्षित, लागत प्रभावी मोबाइल-आधारित भुगतान प्रणाली डिजिटल भुगतान के सबसे प्रमुख रूपों में से एक बन गई है।


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